स्टॉक ट्रेडिंग

क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है

क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है

कम जोखिम में ज्यादा फायदा पाने का आसान तरीका है ऑप्शन ट्रेडिंग से निवेश, ले सकते हैं बीमा

यूटिलिटी डेस्क. हेजिंग की सुविधा पाते हुए अगर आप मार्केट में इनवेस्टमेंट करना चाहते हैं तो फ्यूचर ट्रेडिंग के मुकाबले ऑप्शन ट्रेडिंग सही चुनाव होगा। ऑप्शन में ट्रेड करने पर आपको शेयर का पूरा मूल्य दिए बिना शेयर के मूल्य से लाभ उठाने का मौका मिलता है। ऑप्शन में ट्रेड करने पर आप पूर्ण रूप से शेयर खरीदने के लिए आवश्यक पैसों की तुलना में बेहद कम पैसों से स्टॉक क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है के शेयर पर सीमित नियंत्रण पा सकते हैं।

Investment Tips : शेयर बाजार की दौड़ में शामिल होने से पहले इन 5 बातों को जरूर समझ लें नए निवेशक, नहीं तो होगा नुकसान

बैंक एफडी के रेट में गिरावट और छोटी बचत योजनाओं का घटता ब्याज निवेशकों को शेयर बाजार में निवेश की ओर प्रेरित कर रहा है. लेकिन नए निवेशकों को कुछ जोखिमों को समझना जरूरी है.

Investment Tips : शेयर बाजार की दौड़ में शामिल होने से पहले इन 5 बातों को जरूर समझ लें नए निवेशक, नहीं तो होगा नुकसान

शेयर बाजार में तेजी नए निवेशकों को इक्विटी की ओर आकर्षित कर रही है. टीवी और डिजिटल मीडिया पर ब्रोकरेज फर्मोंं की सलाह, फंड मैनेजरों के इंटरव्यू और फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसरों के यूट्यूब चैनलों ने मार्केट की तेजी पर समां बांध रखा है. बैंक एफडी के रेट में गिरावट और छोटी बचत योजनाओं का घटता ब्याज निवेशकों को शेयर बाजार में निवेश की ओर प्रेरित कर रहा है. नए निवेशक सीधे शेयरों या आईपीओ में निवेश कर रहे हैं. सेंट्रल डिपोजिटरी सर्विस लिमिटेड के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से अब तक नए खुलने वाले डीमैट अकाउंट की तादाद 38 फीसदी बढ़ कर 4 करोड़ तक पहुंच चुकी है. म्यूचुअल फंड के एनएफओ में भी काफी निवेश हो रहा है.लेकिन इस तेजी में नए निवेशकों के लिए कुछ बातों को समझना जरूरी है.

1. बाजार की तेजी अस्थायी होती है

युवा और नए निवेशक सोशल मीडिया के विज्ञापनों और फाइनेंशियल इनफ्लुएंर्स से प्रभावित होकर मार्केट में एंट्री कर रहे हैं. बाजार की तेजी उन्हें लुभा रही है. लेकिन ज्यादातर एक्सपर्ट्स का कहना है यह तेजी ज्यादा देर तक नहीं टिकेगी क्योंकि अभी नरम मौद्रिक नीति की वजह से मार्केट में लिक्विडिटी है. दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों ने ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए ब्याज दर सस्ती कर रखी है. लेकिन आने वाले वक्त में बाजार की स्थिति ऐसी नहीं रहेगी. लिहाजा जो निवेशक शेयर बाजार में एंट्री करने जा रहे हैं, उन्हें कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए.

2. बगैर जानकारी के सीधे शेयरों में निवेश घाटे का सौदा

हाल में कुछ म्यूचुअल फंड के खराब प्रदर्शन ने निवेशकों को सीधे शेयरों में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया है. लेकिन सीधे शेयरों में पैसा लगाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है. लेकिन नए निवेशकों के लिए यह और खतरनाक हो सकता है क्योंकि उनके पास इक्विटी में पैसा लगाने के लिए पर्याप्त नॉलेज नहीं होता है. अगर आपके पास रिसर्च (टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस) का अनुभव और समय नहीं है तो क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है डायरेक्ट इक्विटी में पैसा न लगाएं. टीवी या डिजिटल मीडिया या अखबारों में दिए जाने वाले एक्सपर्ट्स की राय से प्रभावित न हों. अगर आपके पास पर्याप्त अनुभव न हो तो शेयरों में सीधे निवेश की तुलना में इक्विटी म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना बेहतर होगा.

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3. इक्विटी म्यूचुअल फंड में भी जोखिम है, सोच-समझ कर लें फैसला

ऐसा नहीं है कि इक्विटी म्यूचुअल फंड में जोखिम नहीं है. हालांकि डाइवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड आपको एक स्थिर रिटर्न दे सकते हैं. म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय निवेशकों को हमेशा रिटर्न में कम से कम दस फीसदी की गिरावट का जोखिम लेकर चलना पड़ता है. हालांकि डाइवर्सिफाइड फंड में फंड मैनेजर घाटा देने वाले शेयरों को हटा कर जोखिम को कम कर सकते हैं. म्यूचुअल फंड में कभी भी सिर्फ पिछले रिटर्न को देख कर निवेश नहीं करना चाहिए. वैसे डाइवर्सिफाइड फंड में निवेश का फायदा यह होता है कि जोखिम कई कंपनियों के शेयरों में बंट जाता है.जबकि शेयरों में सीधे निवेश से जोखिम एक या दो कंपनियों के शेयरों पर ही केंद्रित हो जाता है.

4. IPO और NFO से दूर ही रहें

नए निवेशकों को जहां तक संभव हो आईपीओ ( IPO) और एनएफओ (NFO) में पैसा लगाने से बचना चाहिए. निवेशकों के लिए लिस्टिंग गेन भले ही आकर्षक पहलू लगता हो लेकिन जल्दी फायदा उठाना का दांव जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि ज्यादातर आईपीओ महंगे होते हैं. म्यूचुअल फंड के एनएफओ में भी नए निवेशकों को निवेश से बचना चाहिए जब तक कि इनकी कोई खासियत न हो या फिर निवेशक को इस बात का पूरा विश्वास न हो एनएफओ की थीम कारगर रहेगी. कम NAV का मतलब म्यूचुअल फंड का सस्ता होना नहीं है. सस्ते म्यूचुअल फंड का मतलब यह नहीं कि आपको ज्यादा रिटर्न मिलेगा. निवेश का लक्ष्य लॉन्ग टर्म का हो कभी भी एनएफओ में निवेश नहीं करना चाहिए. सिर्फ आठ-दस दिनों के भीतर पैसा बनाने की प्रवृति से बचना चाहिए.

5. थिमेटिक और स्मॉल कैप फंड में निवेश से बचें

पिछले साल थिमेटिक और स्मॉल कैप फंड ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था. पिछले साल स्मॉल कैप फंड ने 89 फीसदी तक का रिटर्न दिया था. लेकिन थिमेटिक या स्मॉल कैप फंड काफी जोखिम भरे होते हैं. नए निवेशकों को इसमें निवेश करने से बचना चाहिए . थिमेटिक फंड में निवेश, रणनीतिक निवेश का एक हिस्सा है. निवेश का एक दीर्घकालिक लक्ष्य न हो तो थिमेटिक और स्मॉल कैप फंड में निवेश नहीं करना चाहिए.

Share Price: बाजार में तेजी के बावजूद घाटे का सौदा बना ये दिग्गज शेयर, 80 रुपये तक टूटकर डुबाया पैसा

Intraday Tips: शेयर बाजार में कब क्या हो जाए कहा नहीं जा सकता. एक तरफ जहां आज मार्केट प्लस में दिखाई दिया तो वहीं एक दिग्गज शेयर बाजार में लाल निशान पर कारोबार करता हुआ देखा गया.

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Share Price: बाजार में तेजी के बावजूद घाटे का सौदा बना ये दिग्गज शेयर, 80 रुपये तक टूटकर डुबाया पैसा

Share Market में गुरुवार को तेजी देखने को मिली. सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान पर कारोबार करते हुए देखे गए. सेंसेक्स आज जहां 443.19 अंक (0.86%) की तेजी के साथ 52,265.72 पर बंद हुआ तो वहीं निफ्टी 143.35 अंक (0.93%) की बढ़त के साथ 15,556.65 के स्तर पर बंद हुआ. हालांकि मार्केट में कुछ शेयरों ने निवेशकों का पैसा भी डुबाया.

गिरावट में रहा ये शेयर

शेयर बाजार में कब क्या हो जाए कहा नहीं जा सकता. एक तरफ जहां आज मार्केट प्लस में दिखाई दिया तो वहीं एक दिग्गज शेयर बाजार में लाल निशान पर कारोबार करता हुआ देखा गया. निवेशकों को इस शेयर पर काफी भरोसा भी रहता है लेकिन आज इसने निवेशकों को नुकसान में रखा. मार्केट के आखिर में भी शेयर लाल निशान पर बंद हुआ.

लाल निशान में करता रहा कारोबार

यहां हम रिलायंस के शेयर की बात कर रहे हैं. रिलायंस के शेयर ने आज तेज मार्केट में अच्छी शुरुआत जरूर दी लेकिन शुरुआती घंटे में ही शेयर लाल निशान में आ गया. इसके बाद शेयर में रिकवरी जरूर आई लेकिन फिर सेकेंड हाफ में शेयर लाल निशान पर ही कारोबार करता रहा.

80 अंकों की गिरावट

रिलायंस का शेयर आज एनएसई पर 2515.05 के स्तर पर खुला. इसके बाद शेयर ने 2525 रुपये का हाई जरूर लगाया लेकिन शेयर इसके बाद लाल निशान पर ही बना रहा. शेयर ने आज 2445 रुपये तक का लो लगाया. इसे साथ ही शेयर ने आज हाई प्राइज के बाद करीब 80 अंकों की गिरावट दिखाई.

निवेशकों को हुआ नुकसान

हालांकि रिलायंस का शेयर आखिर के कुछ मिनटों में संभाला जरूर था. रिलायंस का शेयर आज एनएसई पर 36.60 अंकों (1.46%) की गिरावट के साथ 2,469 रुपये पर बंद हुआ. इससे आज निवेशकों को काफी नुकसान भी झेलना पड़ा.

Stock Market क्या है और इससे कमाई कैसे होती है? पूरी जानकारी

Stock Market Kya Hai

आज कल के चलते इस दुनिया के सरे मार्किट में शेयर मार्किट एक क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है ऐसा पैमाना है जिसमे बहुत से उतरब चढ़ाव चलते रहते है। शेयर मार्किट में आज कर हर कोई इन्वेस्ट करना चाहता है। बहुत से उतरब चढाब होता है काम ज्यादा होता ही होता है इसमें।

Stock Market Kya Hai?

आप अपना शयर मार्किट में अपनी शेविंग से भी इन्वेस्ट करते होंगे। या अपनी परिवार रिस्तेदारो से मांग कर या भी अपनी कमाई हुई पूंजी से भी आप शेयर मार्किट में इन्वेस्ट कर सकते हो। लोग शेयर मार्किट में इन्वेस्ट के लिए लोन भी ले सकते है।

अगर शेयर मार्किट में लगाने के लिए आपके पास बजट न हो और आप रिस्तेदार से भी मानगो इतना पैसा आपको न मिले तो आप क्या करोगे बैंक ही एक मात्र चारा रह जाता है। लोन लेने के लिए सिर्फ बैंक ही आपकी मदत कर सकता है। बैंक ये लोन इस लिए देता है ताकि आप अपनी जरुरत अनुसार पैसे शेयर मार्किट में इन्वेस्ट क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है कर सको। पर जब आप बैंक से लोन ले चुके होते हो।

तो आपको आपका मंथली इनकम काटना चालू हो जाता है मंथली इनकम मिलना चालू हो जाता है। महीने में जो भी कमाते हो वो आपको बैंक को इन्स्टालमेन्ट की तरह भरना बढ़ता है।

स्टॉक मार्किट क्या है?

मार्किट में शेयर मार्किट में पैसे इन्वेस्ट कर के ब्यापारी अपने बिज़नेस को खड़ा कर सकता है ग्रोथ कर सकता है बिज़नेस में। पर इसके लिए ब्यापारी को पाहिले पैसे इन्वेस्ट करना पड़ता है मार्किट में पैसे से पैसे कमाता है। जिसके लिए वो लोन भी ले के शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करता है। अगर कोई अकेले बिज़नेस नहीं संभल पाता तो वो पार्टनर शिप में आ कर शेयर मार्किट में पैसे लगाकर इन्वेस्ट कर के अपने बिज़नेस में ग्रोथ बुलंदी छुआ सकता है।

शेयर/स्टॉक मार्केट का इतिहास

BSE के बारे में तो पता ही होगा BSE विकास और सुरु होने की कहानी के बारे में तो पता है सबको। MSE के बारे में भी पता होगा सबको BSE होता है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और MSE है। ये भारत के बेस्ट स्टॉक एक्सचेंज 2 ही है। और नैशनल स्टॉक NSC होता है।एशिया का सबसे पाहिले एक्सचेंज स्टॉक है जिसकी स्थापना 1875 में हुई थी। भारत आजाद हो गया था जिसमे पहला स्टॉक एक्सचेंज है ये। सेकुरिटी कॉट्रैक्ट एग्रीमेंट की मान्तया प्रोवाइड की थी 1956 में.ये दोनों में लोग पैसे शेयर मार्किट में तेजी से इन्वेस्ट कर रहे है बरसो से।

Stock exchange

स्टूडेंट होते हुए लोग भी सोच छोटे छोटे बिज़नेस में इन्वेस्ट करना सुरु कर देते है। इतना आसान नहीं है शेयर मार्किट में लगाकर पैसे कामना थोड़े से पैसे को लगाकर जल्दी जल्दी कमाना है थोड़ा पैसे लगाकर जल्दी से जल्दी पैसे कमाए जाये।

और काफी तेजी से वो अपने बिज़नेस में ग्रोथ करना पसंद करता है।स्टूडेंड की प्रॉब्लम होती है की उनके पास स्टॉक मार्किट में लगाने के लिए ज्यादा पैसे नहीं होते वो चाहता है लगाना उनके पास 20 से 30 हजार ही होता है।वो लोन भी ले कर के स्टॉक मार्किट में इन्वेस्ट करता है और करना भी चाहिए।

एक कंपनी के कितने शेयर्स हो सकते हैं?

शेयर और स्टॉक और एक्विटी क्या होता है ये तीनो नाम अलग अलग है पर ये होते सब एक ही है। शेयर मार्किट सब लोग मैनली बिज़नेस करने वाला समझता है की ये सब अलग अलग है पर ये सब एक ही है। सब लोग इसके बारे में पढ़ते भी है और समझना भी चाहते भी है।

अगर कोई पार्टनरशिप में है या खुद ओनर है और वो कंपनी के लिए शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करता है तो कंपनी को एक हिस्सेदारी दे दी जाती है। जो की आपके ख़रीदे गए शेयर की पर्सेंटेज पर डिपेंड करता है। अगर कंपनी में २ % क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है शेयर किया गया है तो। तो कंपनी के प्रॉफिट में से ओनर या पार्टनर को २ % की हिसेदारी हो जाती है।

इंडिया की स्टॉक एक्सचेंज

इंडिया की स्टॉक एक्सचेंज के बारे में लोगो को बेसब्री से इंतजार होता है। इंडिया की स्टॉक एक्सचेंज एक सेफ जगह है जहा ब्रॉकर्स खुद के लिए या क्लाइंट्स के लिए शेयर मार्किट में शेयरिंग करते है। ये सोच समझ कर और पीछे से रूल्स के साथ किया जाता है। इन्वेस्टर्स, ब्रोकर्स, स्टॉक एक्सटेन्स ,शेयर दिवेन्चर्स या और फाइनेंस में ट्रेंडिंग के लिए सर्विस देता है। किसी भी शेयर या बैंक इंस्टालेशन पर शेयर होना जरुरी होता है साथ डाक्यूमेंट्स के।

कंपनी अपने शेयर्स कैसे बेचती हैं?

कंपनी अपने शेयर्स कैसे बेचती हैं ये पता होने से पाहिले ये पता होना जरुरी है की शेयर क्या है मार्किट है शेयर मतलब होता है हिस्सा मार्किट मतलब होता है झा शेयर किया ज्यादा है यहां पर कुछ ख़रीदा या बेचा जाता है। लिस्टेड कंपनी की बेचने और खरीदने की जगह शेयर मार्किट कहलाती है जहा कंपनी शेयर करती है और बेचती है।

शेयर्स कैसे खरीदें?

अगर नई बिज़नेस में या बिज़नेस पार्टनर पहलीबार शेयर मार्किट में कदम रखता है शेयर बाजार में शुरुआत किया है या शुरुआत करना चाहते है तो इसकी जानकारी हम से ले लीजिये।किस तरीके से आप पहला शेयर कर सकते है ये हम आपको बताएंगे।बहुत से लोगो को ये नई पता शेयर के बहुत नाम किस किस चीज की होती है।शेयर खरीदते टाइम क्या क्या बात धुआं में रखनी चाहिए।

अगर आप शेयर खरीदते हो तो आप उस कंपनी का शेयर कारिदों जिस कम्पनी का सामान मटेरियल आप खुद इस्तेमाल कर रहे होंगे। जरोधा एक अप्प है जिसमे से आप शेयर के लिए इस्तेमाल कर सकते है। वाच लिस्ट में आपको बहुत सारा ऐड मिल जाता है।क्या पता आपके पास स्टॉक न हो पर वाच लिस्ट में ऐड करने के लिए लिस्ट आपको मिल जाएगी।

ब्रोकर क्या है?

स्टॉक मार्किट की जगह अगर आप बिज़नेस में निवेश करना चाहते है तो बहुत से ऑप्शन्स है ब्रॉकर है। ब्रॉकर पर डिपेंड करता है अलग अलग तरह के मॉडल प्रोवाइड कराये जाते है अगर किसी को भी नई बिज़नेस खोलना हो। ब्रोक को बल्ले के लिए एबिलिटी क्या है मॉडल्स क्या है। फायदे क्या है नुकसान क्या है। स्टैक होल्डर्स बहुत है स्टॉक मार्किट में जो है अपना फंग्शन निभाते है। CB है जो रेगुलेट करती है। लिस्ट अलग अलग लबले पर अपना काम करते हे। ट्रेडर्स होते जो शेयर मार्किट में पैसे लगाते है।

क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है?

शेयर बाजार में लोग पैसे किउ इन्वेस्ट और बर्बाद करते है। वो घाटे में किउ जाते है। शेयर मार्किट में घाटा का कारन है अंधापन भरोषा,ट्रिप्स प्रोवाइडर ,टीवी रेडिओ न्यूज़ ज्यादा लोग पैसे इस लिए वेस्ट करते है की उनको खुद पर भरोसा नहीं होता। खुद के रिसर्च पर भरोषा नहीं होता। ये सब अन्धो के जैसे न्यूज़ पर भरोसा करते है। क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है जो वो शेयर बताते है उनको खरीदते है इस लिए वो धोका खाते है।

Stock Market से कमाई कैसे होती है ?

जब भी हम मास्टर माइंड लगाते है तो हमे ये ही दीखता है की की कुछ ऐसा मिल जाये जिससे हमारी अच्छी अर्निंग हो। कोई ऐसा बिज़नेस मिल जाये जिससे हम जिस बिज़नेस से हम ज्यादा से ज्यादा कमा सके। हमारे भारत की इकॉनमी बहुत ज्यादा गिरी हुई है। आज के टाइम में इतना गरीबी और कम्पटीशन है की फायदा होना तो मुश्किल है। शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करना ठीक। स्टॉक मार्किट से पैसे कमाना के लिए बहुत साल का एक्सपीरिएंस होना बहुत जरुरी है।

लखनवाइट्स को लुभा रहा शेयर मार्केट

लखनवाइट्स को लुभा रहा शेयर मार्केट

LUCKNOW: इलेक्शन का खुमार उतरते ही और नयी स्टेबलिश गवर्नमेंट के काम काज संभालने से पहले मार्केट में तेजी का दौर जारी है। रुपये की मजबूती के साथ गोल्ड में गिरावट का सिलसिला भी जारी है। इसका असर लखनवाइट्स पर भी दिख रहा है। लोग अपने घरों से ऑनलाइन ट्रेडिंग को तरजीह देने लगे हैं।

लखनवाइट्स में बढ़ा आनलाइन ट्रेडिंग पर रुझान

सेंट्रल में नयी गवर्नमेंट फार्म होने के बाद पूरे देश के साथ लखनवाइट्स भी शेयर मार्केट पर जोर देने लगे हैं। मजे की बात यह है कि इसमें लखनऊ की महिलाएं भी आगे आ रही हैं। वहीं पार्ट टाइम में स्टूडेंट्स भी अपनी जेब खर्च बचाकर ट्रेडिंग में हिस्सा ले रहे हैं।

उम्मीद पर है मार्केट में तेजी

अपूर्व सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड के हेड और स्टॉक मार्केट के एक्सपर्ट संजय मेहरोत्रा की मानें तो मार्केट में जो भी तेजी है वह फॉरेन इंवेस्टर्स के बदौलत है। कांग्रेस शासन के दौरान पॉलिसीज पैरालिसिस होने के कारण इंवेस्टर्स का भरोसा खत्म होता जा रहा था। लेकिन देश में सरकार बदलने के बाद से ही इंवेस्टर्स इंडिया पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं जिससे मार्केट में इतनी तेजी देखने को मिल रही है। पिछले डेढ़ से दो महीने में शेयर मार्केट में क्800 से ख्000 प्वाइंट की तेजी आयी है।

केसिनो नहीं, बिजनेस की तरह लें शेयर मार्केट में हिस्सा

संजय मेहरोत्रा की मानें तो मार्केट में इंवेस्ट कैसीनो की तरह नहीं करें बल्कि जिस तरह से रियल स्टेट और प्रॉपर्टी में इंवेस्ट करते हैं उसी तरह शेयर मार्केट में भी हिस्ट्री और रिसर्च के बाद ही इंवेस्ट करेंगे तो किसी के लिए घाटे का सौदा नहीं होगा।

ब्लू चिप कंपनीज में करें इंवेस्ट

शेयर मार्केट एक्सपर्ट की राय में ब्लू चिप कंपनीज में अगर इंवेस्ट किया जा रहा है तो इंवेस्टमेंट में घाटे के चांसेज कम होते हैं। जैसे आज की तारीख में अगर रिलायंस, ओएनजीएस, एचपीसीएल, बीपीसीएल, टिस्को, एसबीआई के शेयर फायदे का सौदा साबित हो सकते हैं। इसके अलावा पावर सेक्टर और इंफ्रा सेक्टर के शेयर में इंवेस्ट करने पर बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद है। वहीं वायदा कारोबार पर इंवेस्ट करना भी अब घाटे का सौदा साबित हो सकता है।

हालात बदलने में लगेगा समय

शेयर मार्केट में आंख बंद कर भरोसा करना और उसमें इंवेस्ट करना भी घाटे का सौदा साबित हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी पूंजी का तीस पर्सेट से अधिक मार्केट में इंवेस्ट ना करें। क्योंकि सरकार के कोई भी डिसीजन और उसके असर पर समय लगना वाजिब है। ऐसे में डेढ़ से दो साल में ही असली तस्वीर साफ हो पायेगी।

यहां पर है मार्केट की नजर

मार्केट को नयी सरकार से काफी उम्मीदें हैं। एफडीआई मामले में बीजेपी ने कांग्रेस का विरोध किया था, लेकिन अब बीजेपी के सत्ता में आने के बाद एफडीआई पर क्या डिसीजन होगा इस पर नयी सरकार का डिसीजन अहम होगा। इसी तरह महंगाई को रोकने के लिए किये गये वायदों पर सरकार क्या कदम उठाती है इसका असर भी आने वाले दिनों में शेयर मार्केट पर देखने को मिलेगा।

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