शुरुआती लोगों की मुख्य गलतियाँ

क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है

क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है
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Zee Business Exclusive: शेयरों का मिलेगा बेस्ट भाव ! सस्ते में मिलेंगे शेयर, महंगे में बिकेंगे

SEBI बड़े सौदों के लिए आर्डर बुक मर्ज करने पर विचार कर रहा है. निवेशकों को सस्ते में मिलेंगे शेयर, पर बिकेंगे महंगे में. जिस एक्सचेंज पर जितना बेस्ट प्राइस उसका होगा सौदा. पूरी क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है खबर जानिए ब्रजेश कुमार से.

यह IPO साबित हुआ घाटे का सौदा, लिस्टिंग बाद आधे से ज्यादा कम हुई कीमत

निवेशक जब किसी कंपनी के IPO पर दांव लगाता है तो उसके दिमाग में तगड़ा मुनाफा कमाने की बात चल रही होती है। लेकिन कई IPO ने निवेशकों के पैसे को ही डुबो दिया है। इन्हीं में से एक पॉलिसी बाजार का IPO है।

यह IPO साबित हुआ घाटे का सौदा, लिस्टिंग बाद आधे से ज्यादा कम हुई कीमत

कोई निवेशक जब किसी कंपनी के आईपीओ (IPO) पर दांव लगाता है तो उसके दिमाग में तगड़ा मुनाफा कमाने की बात चल रही होती है। लेकिन कई आईपीओ ने निवेशकों के पैसे को ही डुबो दिया है। इन्हीं में से एक पॉलिसी बाजार (PB Fintech) का आईपीओ (IPO) है। लिस्टिंग के बाद से ही कंपनी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। आइए विस्तार से जानते हैं कंपनी शेयर मार्केट (Share Market) में कैसा प्रदर्शन कर रही है?

कंपनी शेयर बाजार में 15 नंवबर 2021 को लिस्ट हुई थी। कंपनी 17.35 प्रतिशत के प्रीमियम पर शेयर मार्केट में लिस्ट हुई थी। लेकिन आज करीब 65 प्रतिशत की गिरावट के साथ पॉलिसी बाजार के एक शेयर का दाम 455.50 रुपये के लेवल पर आ गया है। वहीं, इश्यू प्राइस की तुलना में शेयरों को भाव 50 प्रतिशत तक गिर गया है। यानी जिस किसी निवेशक को कंपनी का आईपीओ अलॉट हुआ था और वह अगर इस कंपनी के शेयर को अबतक होल्ड करके रखा है तो वैल्यू 50 प्रतिशत तक कम हो गई है।

5 साल में 606% का रिटर्न, बाजार के मुकाबले सस्ता शेयर खरीदने का मौका दे रही है कंपनी

आने वाली है बड़ी मुसीबत?

जून तिमाही के नतीजे भी अच्छे नहीं रहे हैं। इस दौरान कंपनी को 204.33 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। जबकि इसके पहले के साल में इसी तिमाही के दौरान कंपनी को 110.84 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। यानी चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान कंपनी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। ऐसे में निवेशक दूसरी तिमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं। बता दें, नवंबर में प्री-आईपीओ इंवेस्टर्स का लॉक-इन पीरियड भी समाप्त हो रहा है। ऐसे में अगर जोमैटो वाली स्थिति हुई तो कंपनी के शेयरों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि कई ब्रोकरेज फर्म इस स्टॉक को लेकर काफी बुलिश नजर आ रहे हैं।

(डिस्‍क्‍लेमर: यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

Investment : छोटी योजनाओं में निवेश करना कहीं घाटे का सौदा तो नहीं, शेयर मार्केट से मिलेगा अच्छा रिटर्न

भारतीय रिजर्व बैंक जहां इस महीने के अंत में चौथी बार ब्याज दरों को बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर सरकार इस महीने के अंत में छोटी योजनाओं की समीक्षा करेगी.

Investment : छोटी योजनाओं में निवेश करना कहीं घाटे का सौदा तो नहीं, शेयर मार्केट से मिलेगा अच्छा रिटर्न

TV9 Bharatvarsh | Edited By: Neeraj Patel

Updated on: Nov 11, 2022 | 1:31 PM

Investment : अगर आप छोटी योजनाओं और सोने में निवेश करते हैं और आपको ज्यादा मुनाफा नहीं हो रहा है. कहीं आपने छोटी योजनाओं और सोने में निवेश करके घाटे का तो सौदा नहीं कर लिया. यदि आपको ऐसा लगता है तो आपके लिए शेयर बाजार में निवेश करके फायदे का सौदा कर सकते हैं. आपको बता दें कि शेयर बाजार लंबे समय में निवेशकों को अच्छा रिटर्न देता आया है और इसका यह इतिहास भी रहा है. ऐसे में निवेशकों को इस समय शेयर बाजार पर भरोसा करना चाहिए. थोड़ा बहुत उतार-चढ़ाव संभव है, फिर भी लंबे समय में इसमें दो अंकों से ज्यादा का फायदा मिल सकता है. एक रिपोर्ट के अनुसार इस पूरे सालभर में अभी तक निवेशकों को तकरीबन सभी साधनों से घाटा हुआ है. शेयर बाजार से लेकर सोने के निवेश या फिर सरकार की छोटी बचत योजनाएं हों, सभी ने महंगाई की तुलना में कम ही फायदा दिया है. लगातार सात फीसदी से ऊपर महंगाई दर बने रहने से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा तीन बार में ब्याज दरों में 1.40 फीसदी की वृद्धि करने के बाद भी छोटी योजनाओं की ब्याज दरें अपरिवर्तित हैं.

बता दें कि अमेरिका के साथ ही बैंक ऑफ जापान, भारत और बैंक ऑफ इंग्लैंड भी अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा करने वाले हैं, जिसमें दरों के बढ़ने की उम्मीद दिखाई दे रही है. जिससे सोने की कीमतों में भारी गिरावट आ रही है. सोने की कीमतें इस समय साल 2020 के स्तर पर चली गई हैं. पिछले हफ्ते इसकी कीमत 2.4 फीसदी गिरी थी. पांच हफ्तों में यह चौथा हफ्ता है, जब सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है.

सोने में भी ज्यादा मुनाफ नहीं

सोने की कीमतों में हाल के समय में जमकर गिरावट आई है. इस साल जनवरी में सोने की कीमत प्रति दस ग्राम 49,100 रुपये थी. इस समय भी यह इससे मामूली ज्यादा है. यानी किसी ने अगर सोने में निवेश किया होगा तो आठ महीने में भी उसे कोई फायदा नहीं हुआ है. फरवरी में जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुआ तो उस समय सुरक्षित माने जाने वाले इस साधन में लोगों ने जमकर निवेश किया. इससे इसकी कीमतें एक बार तो 53,000 रुपये को पार कर गईं, लेकिन इसी हफ्ते अमेरिकी फेडरल बैंक फिर से ब्याज दरों में ज्यादा इजाफा करने के पक्ष में है.

महंगाई की तुलना में कम हैं ब्याज दरें

सरकार लघु योजनाओं की ब्याज दरों में मामूली वृद्धि तो करेगी, लेकिन ब्याज दरों और महंगाई के स्तर की तुलना में वह काफी कम होता है, क्योंकि जून, 2020 से इन योजनाओं की ब्याज दरें स्थिर हैं. शेयर बाजार की बात करें तो जनवरी में सेंसेक्स जरूर ऊपर था, लेकिन यह मार्च में 58,568 पर बंद हुआ था. शुक्रवार को भी यह 58,840 पर बंद हुआ. यानी इसमें भी निवेशकों को कोई बहुत ज्यादा फायदा नहीं मिला है. हालांकि, इस दौरान आरबीआई द्वारा रेपो रेट में आक्रामक वृद्धि के बाद बैंकों ने जमा में मामूली इजाफा तो किया, पर महंगाई की तुलना में वह अभी भी बहुत कम है.

शेयर बाजार में होगी जमकर कमाई, अगर इन 4 गलतियों से रहेंगे दूर

शेयर बाजार में कई बार निवेशक छोटी गलतियों से अपना बड़ा नुकसान कर लेतें हैं आप भी इन गलतियों से दूर रहकर अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं।

Edited by: India TV Paisa Desk
Published on: July 01, 2021 19:12 IST

शेयर बाजार में आम. - India TV Hindi News

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शेयर बाजार में आम निवेशकों से होने वाली 4 गलतियां

नई दिल्ली। जिंदगी में लगभग हर शख्स कभी न कभी शेयर बाजार में निवेश की सोचता है या फिर निवेश करता है। हालांकि अधिकांश मामलों में आम निवेशक नुकसान उठा कर बाजार से अपनी दूरी बना लेते हैं। बाजार में कई जोखिम होते हैं ऐसे में एक छोटी सी गलती किसी शख्स की कमाई को बर्बाद कर सकती है। अगर बाजार में निवेश की शुरुआत के दौरान आप कुछ छोटी छोटी गलतियों से बच गये तो शेयर बाजार आपके लिये काफी फायदे का सौदा भी साबित हो सकती है। जानिये क्या हैं वो गलतियां जो अक्सर आम निवेशक कर देते हैं।

दूसरों को देखकर निवेश की नई शुरुआत

खुदरा क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है निवेशकों के साथ सबसे बड़ी समस्या ये होती है कि वो दूसरों को मिलने वाले रिटर्न देखकर निवेश की शुरुआत का फैसला करते हैं। दरअसल जानकार मानते हैं कि बाजार में जब तेज रिटर्न दिखना शुरू होता है, तब तक स्टॉक ऊपरी स्तरों पर पहुंचने लगते हैं। ऐसे में ऊपरी स्तरों पर निवेश जोखिम बढ़ा देता है। जानकारों की जो मूल सोच होती है उसके मुताबिक रिटेल निवेशक ऊंचाई पर पहुंचे स्टॉक्स से दूरी बनाए रखें और उसे ट्रेडर्स के लिए छोड़ दें। भले ही चार्ट पर उनका रिटर्न कितना शानदार क्यों न दिख रहा हो। निवेश गुरू वॉरेन बफे की माने तो वो शेयर तब खऱीदते हैं जब दुनिया बेच रही हो और वो शेयर तब बेचते हैं जब दुनिया खरीद रही हो। हां अगर निवेश की शुरुआत करनी ही हो तो कृपया किसी एक्सपर्ट से बात करें और साफ करें कि आप किस अवधि तक अपना पैसा बाजार में छोड़ना चाहते हैं।

इंट्रा डे कारोबार

खुदरा निवेशकों के नुकसान की सबसे बड़ी वजह जो बाजार के जानकार मानते हैं, वो ये है कि खुदरा निवेशक इंट्रा डे यानि एक दिन के कारोबार में दिखे रिटर्न के आधार पर बाजार में निवेश करते हैं हालांकि उनकी अपनी तैयारी लंबी अवधि के निवेश के आधार पर भी नहीं होती। इंट्रा डे कारोबार के लिए न केवल आपको बाजार की सामान्य से ज्यादा जानकारी चाहिए, साथ ही बाजार पर पूरे कारोबार के दौरान गंभीरता से नजर भी रखनी होती है। आप मौका चूके तो महज कुछ मिनटों में आप तेज मुनाफे से तेज घाटे में पहुंच सकते हैं। अगर आप बाजार के खिलाड़ी नहीं हैं और बाजार में कमाई करना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि आप बाजार को कुछ समय दें, और उसे समझें। बाजार को लेकर समझ विकसित होने पर आने वाले समय में आप इंट्रा डे ट्रेडिंग को लेकर बेहतर फैसला कर सकेंगे।

पैनी स्टॉक्स

रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे बाजार में रिटेल निवेशक सबसे ज्यादा नुकसान पैनी स्टॉक्स में उठाते हैं। दरअसल तेजी के दौरान इनका प्रदर्शन पूरे बाजार में सबसे शानदार दिखाई देता है। कई बार ऐसे स्टॉक एक हफ्ते में दोगुना या तीन गुना तक बढ़ जाते हैं। ऐसे में रिटेल निवेशक कम निवेश पर तेज मुनाफे की सोच कर इन स्टॉक्स में निवेश करते हैं। हालांकि पैनी स्टॉक्स में बढ़त के कई कारण होते हैं, जिसमें बाजार में मौजूद सीमित शेयर, छोटी ट्रेडिंग का भी बड़ा असर और कई बार जानबूझकर पैदा किया गया उछाल शामिल होता है। ध्यान रखें की कोई स्टॉक पैनी स्टॉक (अपनी फेस वैल्यू से भी नीचे) कैटेगरी में तब ही आता है जबकि उस कंपनी का स्थिति काफी बुरी हो जाती है। क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है ऐसे में बेहद छोटी कीमत के स्टॉक्स से रिटेल निवेशक अपनी दूरी बनाए रखें।


अनजानी सलाहें

जो लोग कभी न कभी स्टॉक मार्केट में ट्रेड कर चुके होतें हैं उनके पास अक्सर उंचे रिटर्न का सलाह देने वाला एसएमएस या फिर किसी अनजाने ब्रोकर की तरफ से निवेश की सलाह आती है। कई बार लोग न केवल इसपर खुद अमल करते हैं साथ ही अपने करीबियों को भी इसकी सलाह देते हैं। बाजार जब दौड़ लगा रहा होता है तो हो सकता है कि छोटी अवधि में ऐसी सलाहें काम कर जाएं। हालांकि अक्सर ऐसी सलाहें लोगों की बड़ी रकम डूबने की वजह बनती है। दरअसल ऐसी अनजान सलाहें किसी स्कैम का हिस्सा हो सकती हैं, जिसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को उस शेयर की खरीद में शामिल कर कीमतों को बढ़ाना होता है। अगर आप वास्तव में बाजार से कमाने चाहते हैं तो बेहतर होगा कि पहले अपने स्तर पर बाजार को समझें, बाजार के किसी जानकार के संपर्क में रहें साथ ही जिन स्टॉक में निवेश कर रहे हैं उनके बारे में भी रिसर्च रखें।

7 ऐसी वजहें जो बताती हैं कि क्यों शेयर मार्केट में पैसा लगाना है फायदे का सौदा

जनसंख्या बढ़ने से भी स्टॉक मार्केट को फायदा होता है.

लोगों का मानना है कि स्टॉक्स किसी अन्य एसेट के मुकाबले लंबी अवधि में अधिक रिटर्न देते हैं. लंबे समय में शेयरों से पैसा कमाना चाहते हैं तो बाजार की बेसिक समझ भी आपके लिए यह काम कर सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated : October 12, 2022, 08:10 IST

हाइलाइट्स

शेयर मार्केट में लंबी अवधि के लिए निवेश करके अच्छी कमाई कर सकते हैं.
सेंसेक्स ने पिछले 33 साल में 15 फीसदी का एवरेज एनुअल रिटर्न दिया है.
स्टॉक मार्केट में निवेश महंगाई से मुकाबले में भी आपकी मदद करता है.

नई दिल्ली. शेयर मार्केट कमाई के बेहतरीन तरीकों में से एक है. अगर आप रिस्क लेने की हिम्मत और बाजार की समझ रखते हैं तो आप यहां उम्मीद से भी अधिक पैसा बना सकते हैं. लोगों का मानना है कि स्टॉक्स किसी अन्य एसेट के मुकाबले लंबी अवधि में अधिक रिटर्न देते हैं. अगर कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए तो ये बात काफी हद तक सही भी साबित होती है. इसलिए कम समय में ज्यादा रिटर्न के लिए जानकार शेयर मार्केट में पैसे लगाने की सलाह देते हैं.

छोटी अवधि में बाजार से पैसा कमाने के लिए जबरदस्त समझ और स्किल की जरूरत होती है. वहीं, अगर लंबे समय में शेयरों से पैसा कमाना चाहते हैं तो बाजार की बेसिक समझ भी आपके लिए यह काम कर सकती है. आपको बस किसी मजबूत शेयर में पैसा लगाना है और बहुत अधिक संभावना है कि 5 या 10 साल में आप अपने निवेश में जबरदस्त उछाल देखेंगे. आज हम इस लेख में इस बारे में बात करेंगे कि आखिर क्यों शेयर बाजार में निवेश करना फायदे का सौदा है. हम आपको शेयर बाजार में निवेश करने की 7 वजहें बताएंगे.

महंगाई
महंगाई बढ़ने का मतलब है कि वस्तुओं और सेवाओं के दाम बढ़ रहे हैं. इससे कंपनियों की आय और प्रॉफिट भी बढ़ता है जिससे कंपनियों के शेयरों की खरीदारी बढ़ती है और स्टॉक्स की कीमत भी ऊपर की ओर भागती है.

जनसंख्या का बढ़ना
जैसे-जैसे देश में जनसंख्या बढ़ती है कंपनियों के प्रोडक्ट्स के लिए बाजार भी बढ़ता जाता है. ऐसी कंपनियां जो एक बड़ी आबादी के लिए उत्पाद तैयार करती हैं उनकी वैल्युएशन जनसंख्या के साथ बढ़ती क्या शेयर मार्केट घाटे का सौदा है रहती है.

प्रौद्योगिकी
आबादी बढ़ने के साथ इनोवेशन करने वाले लोगों की तादाद बढ़ती है. बेहतर टेक्नोलॉजी डेवलप की जाती है. ऐसे में उन कंपनियों को फायदा पहुंचता है जो या तो टेक्नोलॉजी के सेक्टर से जुड़ी होती हैं या फिर किसी से उनका टेक्नोलॉजी ड्रिवन होता है.

बेस्ट सलेक्ट करने का विकल्प
स्टॉक मार्केट में मुख्य इंडेक्स में सर्वश्रेष्ठ कंपनियों को शामिल किया जाता है. अगर कोई कंपनी लगातार खराब प्रदर्शन करती है तो उसे हटाकर बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनी इंडेक्स में अपनी जगह बना लेती है. इस तरह निवेशक के पास बेस्ट सलेक्शन का विकल्प होता है.

लंबी अवधि में रिस्क का फायदा
अगर आप बाजार में रिस्क लेते हैं तो संभव है कि छोटी अवधि में आपको घाटा हो जाए. लेकिन लंबी अवधि में अधिकतर शानदार रिटर्न देखने को मिलता है. रिस्क के बदले मिलने वाले प्रीमियम को रिस्क प्रीमियम कहा जाता है.

आरबीआई पॉलिसी का असर
जब अर्थव्यवस्था में सुस्ती आती है तो लोग पैसा खर्च करना बंद कर देते हैं. आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने के लिए आरबीआई ब्याज दरें घटाकर बैंक में रखे पैसे पर रिटर्न कम कर देता है. इसके बाद लोग ये पैसा निकालकर अधिक जोखिम के साथ बेहतर फायदे के लिए शेयर मार्केट का रुख करते हैं.

15 फीसदी का इंटरेस्ट हमेशा मिलता है
बाजार में केवल गिरावट या सिर्फ तेजी नहीं बनी रहती है. ये दोनों बदलाव होते रहते हैं. लंबी अवधि में तेजी हमेशा गिरावट को मात देती है. अगर सेंसेक्स का 33 सालों को डाटा देखा जाए तो इसने हर साल 15 फीसदी का कंपाउंड एवरेज रिटर्न दिया है.

(Disclaimer: यहां लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है. यदि आप बाजार में निवेश करना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)

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