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प्लैटफॉर्म

प्लैटफॉर्म
आप कहीं से भी रोज़मेरी की छह इंच की कटिंग लेकर आएं, फिर इसके नीचे से कुछ पत्ते तोड़कर इसे पानी में लगा दें। Rosemary in water

किचन के प्लैटफॉर्म या खिड़की पर बिना मिट्टी की झंझट के उगाएं ये पांच हर्ब्स

grow herbs in water

अगर आप खाना बनाने के शौक़ीन हैं, तो आपको प्लैटफॉर्म पता होगा कि खाने का स्वाद उसमें पड़ने वाले अलग-अलग हर्ब्स से ही बढ़ता है। वह चाय में पड़ने वाला लेमन ग्रास हो या पास्ता में पड़ने वाली बेसिल लीव्स, ताज़ा-ताज़ा हर्ब्स, पौधे से तोड़कर इस्तेमाल करने के अलग ही स्वाद और फ़ायदे हैं।

गार्डनिंग करने वाले ज़्यादातर लोग ऐसे हर्ब्स अपने गार्डन में ही उगाते हैं, लेकिन अगर आपके घर में बड़ा गार्डन नहीं है, तो निराश होने की कोई बात नहीं। अपने खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए, आप अपने किचन में ही हर्ब्स उगा सकते हैं।

गार्डनिंग एक्सपर्ट रेशमा रंजन हाइड्रोपोनिक तरीके से धनिया सहित कई तरह के हर्ब्स उगाती हैं।

तो चलिए जानें कि छोटे से कंटेनर में बिना मिट्टी के कौन से हर्ब्स आराम से उग सकते हैं?

Grow Lemongrass in water

Grow Lemongrass in water

1. लेमन ग्रास- यूं तो लेमन ग्रास आपके गार्डन के किसी भी कोने में उग सकती है, लेकिन अगर आप चाहें तो बिना मिट्टी के भी इसे उगा सकते हैं। इसके लिए आप बाज़ार से या अपने किसी दोस्त के घर से ऐसी लेमन ग्रास लेकर आएं, जिसमें थोड़े रूट्स निकले हों ।

इसे आप एक पानी भरे गिलास में डालकर रखें। धीरे-धीरे इसमें नई रूट्स और नए पत्ते आने लगेंगे। कुछ दिनों में ही आप थोड़ी-थोड़ी लेमन ग्रास ऊपर से काटकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

2. रोज़मेरी – यह एक सुगन्धित हर्ब है, जिससे आप इटैलियन खाने का स्वाद बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, इसका इस्तेमाल फ्लेवर वाले चावल बनाने में भी किया जाता है। अच्छी बात यह है कि यह कटिंग के ज़रिए आराम से लग जाता है।

Grow Rosemary in water

आप कहीं से भी रोज़मेरी की छह इंच की कटिंग लेकर आएं, फिर इसके नीचे से कुछ पत्ते तोड़कर इसे पानी में लगा दें। Rosemary in water

लगभग 10 दिनों में इसमें रूट्स निकलना शुरू हो जाएंगी और 20 से 25 दिनों में इसमें नए पत्ते और डालियां भी निकलने लगेंगीं । हफ्ते में एक दिन इसका पानी ज़रूर बदलें ।

3 पुदीना- पुदीना, ज़्यादातर होम गार्डनर्स उगाते ही हैं और इसे उगाना ज़्यादा मुश्किल नहीं है; लेकिन क्या आपने कभी इसे पानी में उगाया है?

इसके लिए आपको सिर्फ़ पुदीने की तीन-चार डंडियों और दो खाली डिब्बों (एक बड़ा और एक छोटा) की ज़रूरत होगीआपको सबसे पहले एक छोटे खाली डिब्बे में कुछ छेद करने होंगे। अब पुदीने की डंडियों से नीचे की पत्तियां तोड़कर इन छेदों में लगाएं। फिर इसे बड़े डिब्बे के अंदर रखें और नीचे के बड़े डिब्बे में पानी भर दें। इसे रोशनी में रखें और हफ्ते में एक बार पानी बदलते रहें; आपके पुदीने के पौधे बढ़ते रहेंगे।

grow herbs in water

Pudina plant in water

4. इंडियन बोरेज- यह कोलियस परिवार का पौधा है, जिसे लोग इसकी खुशबू की वजह से अजवाइन समझते हैं। आप इसकी कटिंग को भी आराम से एक पानी भरे जार में उगा सकते हैं। एक साथ तीन-चार कटिंग उगाएं और इसे किसी बड़े जार में लगाएं, जिससे यह पौधा थोड़ा घना बनेगा।

5. इटैलियन बेसिल- इटालियन बेसिल तो कई लोगों का पसंदीदा हर्ब है। इसे आप पुदीना जैसे एक छोटा हाइड्रोपोनिक सेटअप करके आराम से उगा सकते हैं। इसके लिए आपको दो जार की जरूरत होगी एक छोटा और एक बड़ा। नीचे के जार में पानी डालें और ऊपर वाले जार में आप बेसिल की दो से तीन डंडियाँ ऐसे डालें कि यह नीचे के जार में पानी में डूबी रहें। ध्यान दें कि नीचे के भाग में सिर्फ डंडी हो पत्ता नहीं। इस तरह से आप आराम से अपने किचन में बेसिल उगा ले सकते हैं।

Basil Herbs In water

Basil Herbs In water

इन सभी हर्ब्स को उगाने के लिए कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखें-

1. जब तक उगाई हुई डंडियों में रूट्स न आएं, तब तक हर दूसरे दिन पानी बदलते रहें। एक बार पौधे में जड़ आ जाए, तो तीन दिन या हफ्ते में एक बार पानी बदल सकते हैं।

2. पानी में हाइड्रोपोनिक फ़र्टिलाइज़र डालें, इससे पौधे अच्छी तरह बढ़ेंगे। सीवीड फ़र्टिलाइज़र को भी पानी में घोलकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

3. महीने में एक दिन रूट्स की प्रूनिंग करते रहें।

4. अगर कीड़े दिखें, तो इनमें नीम के तेल का छिड़काव कर सकते हैं।

इस तरह, कम पानी और मिट्टी में आराम से आप अपने किचन की खिड़की पर ही ये सारे हर्ब्स उगा सकते हैं। इससे आपके किचन में हरियाली और ताज़गी बनी रहेगी।

आप रेशमा रंजन के हाइड्रोपोनिक गार्डनिंग की ज़्यादा जानकारी के लिए उन्हें यूट्यूब पर फॉलो कर सकते हैं।

संपादनः अर्चना दुबे

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Mahindra अपने Marazzo के प्लैटफॉर्म पर बाज़ार में उतारेगा और भी कॉम्पैक्ट और फुल-साइज़ SUVs

भारतीय कार निर्माता Mahindra ने इस हफ्ते ही अपने नए मॉडल Marazzo को लॉन्च किया था. Marazzo बिलकुल नए U321 प्लैटफॉर्म पर आधरित है जिसमे लैडर फ्रेम और मोनोकॉक हाइब्रिड चैसी का इस्तेमाल हुआ है. Autocar के प्रतिनिधि से बातचीत में, Mahindra & Mahindra के ऑटोमोटिव सेक्टर के प्रेसिडेन्ट Rajan Wadhera ने बताया कि Marazzo का प्लैटफॉर्म अनेकों किस्म के बॉडी स्टाइल्स को सपोर्ट करने की प्लैटफॉर्म क्षमता रखता है और असल में अत्यधिक मॉड्यूलर है.

Mahindra अपने Marazzo के प्लैटफॉर्म पर बाज़ार में उतारेगा और भी कॉम्पैक्ट और फुल-साइज़ SUVs

साक्षत्कार के दौरान जब Autocar के प्रतिनिधि ने पूछा कि, कौन-कौन सी गाड़ियां, Marazzo के इस पेटेंटेड प्लैटफॉर्म पर आधारित बनायी जा सकतीं हैं, तो Wadhera ने कहा कि, ” इस प्लैटफॉर्म पर कोई भी 7 से 8 सीटर प्रोडक्ट बनाया जा सकता प्लैटफॉर्म है, फिर भले ही वो कोई क्रॉसओवर हो, या कोई SUV. इन दिनों वो चाहे कार हो, हैचबैक हो, SUV हो या MPV, इनके ‘निजी व्यक्तित्व’ के बीच की खाई धीरे-धीरे पटती जा रही है, जो पहले बहुत ही गहरी हुआ करती थी. ग्राहक अब बदलाव के इच्छुक होते जा रहे हैं, इसलिए आप पाएंगे के कई लोग अब हैचबैक्स से SUVs की ओर बढ़ रहे हैं. असल में ये प्लैटफॉर्म 7 से 8 सीटर C-साइज़्ड सेग्मेंट का प्लैटफॉर्म है, जिसे स्केल-अप या कॉम्पैक्ट सेगमेंट कार तक स्केल-डाउन भी किया जा सकता है.”

Mahindra जब इस स्केलेबल प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल अपनी अन्य गाड़ियों पर करना शुरू कर देगा, तब उम्मीद है कि इस आर्किटेक्चर से बनायीं गयीं नई SUVs और कॉम्पैक्ट कार्स में Mahindra का 1.5-लीटर प्लैटफॉर्म 4-सिलेंडर टर्बो डीज़ल इंजन लगेगा, जो की प्लैटफॉर्म पर ट्रांसवर्स रूप से माउंट किया जायेगा. Marazzo का नया 1.5-लीटर इंजन 121 बीएचपी और 300 एनएम टॉर्क पैदा करता है जिसे 6-स्पीड गियरबॉक्स के ज़रिये गाड़ी के फ्रंट व्हील्स तक भेजा जाएगा.

ये नया 1.5-लीटर इंजन इसके बाद Mahindra की S201 कॉम्पैक्ट SUV में देखने को मिलेगा जिसकी सीधी टक्कर Maruti Suzuki Vitara Brezza, Tata Nexon और Ford EcoSport जैसी गाड़ियों से है. इस नई कॉम्पैक्ट SUV को आने वाले त्योहारों के मौसम में बाजार में उतारा जायेगा. अगले साल लॉन्च के लिए तैयार S201 (S202) के 7-सीटर वर्शन का मुकाबला Hyundai Creta से होने की उम्मीद है. Mahindra की लॉन्च के लिए तैयार कॉम्पैक्ट SUV के दोनों 5 और 7-सीटर वर्शन, Marazzo के नए प्लैटफॉर्म पर आधारित नहीं हैं, बल्कि ये Ssangyong Tivoli के प्लैटफॉर्म के रीवर्कड वर्शन है. Ssangyonga, Mahindra की South Korea स्थित सहायक कंपनी है.

Mahindra Marazzo ने अपना नाम Basque भाषा के एक शब्द, जिसके माने शार्क मछली होता है, से लिया है. Marazzo को Mahindra Research Valley और कार निर्माता की नार्थ अमेरिका स्थित शाखा, Mahindra North American Technical Centre (MNATC) ने मिल-जुल कर विकसित किया है जिसे पूरी दुनिया विभिन्न बाज़ारों में बेचा जायेगा. ये MPV 7 या 8-सीटर ऑप्शन्स में उपलब्ध है, जिसका साइज़ अब तक Mahindra की किसी भी अन्य गाड़ी से बड़ा है. कीमत के लिहाज़ से ये Maruti Ertiga और Toyota Innova के बीच की गाड़ी है. Mahindra के लाइन-अप में Scorpio और XUV500 के बाद Marazzo ऐसी तीसरी गाड़ी होगी जिससे इंटरनेशनल मार्केट्स में एक्सपोर्ट किया जायेगा. उम्मीद है कि इससे साउथ अमेरिकन और साउथ अफ़्रीका के बाज़ारों में भी उतरा जाएगा.

BUSINESS : ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लैटफॉर्म जोमैटो के शेयर पर जबरदस्त उछाल, बाय रेटिंग के साथ 103 रुपये तक का टारगेट

नई दिल्ली। जोमैटो के शेयरों में मंगलवार को जबरदस्त तेजी आई है। ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लैटफॉर्म जोमैटो के शेयर 17 पर्सेंट से ज्यादा चढ़ गए हैं। कंपनी के शेयर मंगलवार, 2 अगस्त को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) 17.15 पर्सेंट की तेजी के साथ 54.30 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं। शेयर मार्केट पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स का कहना प्लैटफॉर्म है कि जोमैटो के शेयर 103 रुपये तक जा सकते हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में हायर इनकम के कारण कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस आधा घटकर 186 करोड़ रुपये रह गया है।

कंपनी के शेयरों को बाय रेटिंग के साथ 103 रुपये तक का टारगेट –

ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस जेफरीज ने जोमैटो के शेयरों पर बाय रेटिंग बनाए रखी है। ब्रोकरेज हाउस ने जोमैटो के शेयरों के लिए 100 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज हाउस एंबिट ने भी जोमैटो के शेयरों को बाय रेटिंग दी है और कंपनी के शेयरों के लिए 103 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। पिछले दिनों कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा था कि जोमैटो के शेयरों के लिए सबसे खराब समय खत्म हो गया है। अब कंपनी के शेयरों में तेजी आने की उम्मीद है।

जून तिमाही में कम हुआ है जोमैटो का घाटा –

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में जोमैटो का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस घटकर 185.7 करोड़ रुपये रहा है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का घाटा 356.2 करोड़ रुपये था। वहीं, मार्च 2022 तिमाही में जोमैटो को 359.7 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। जून 2022 तिमाही में जोमैटो का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 16 पर्सेंट घटकर 1414 करोड़ रुपये था। जून 2021 तिमाही में ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लैटफॉर्म का रेवेन्यू 844 करोड़ रुपये था। वहीं, मार्च 2022 तिमाही में यह 1212 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में कंपनी की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू बढ़कर 6,430 करोड़ रुपये रही है।

डिस्‍क्‍लेमर :

यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर शांतिसैनिकों के लिए प्रौद्योगिकी प्लैटफॉर्म की शुरुआत की

India launches technology platform for peacekeepers in collaboration with United Nations | भारत ने संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर शांतिसैनिकों के लिए प्रौद्योगिकी प्लैटफॉर्म की शुरुआत की

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर शांतिसैनिकों के लिए प्रौद्योगिकी प्लैटफॉर्म की शुरुआत की

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर बुधवार को शांति अभियानों के लिए ‘यूनाइट अवेयर’ नामक एक प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म की शुरुआत की जो शांतिसैनिकों को क्षेत्र संबंधी सूचना उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म की शुरुआत ऐसे समय हुई है जब भारत ने अगस्त माह के लिए 15 देशों की सदस्यता वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाली है। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में विदेश मंत्री एस जयशंकर की मौजूदगी में इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई। बाद में, जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रौद्योगिकी एवं शांति अभियान विषय पर खुली चर्चा में अपने संबोधन में कहा कि 21वीं सदी में शांति रक्षा में प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी और नवोन्मेष की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए जो जटिल परिस्थितियों में शांति अभियानों के क्रियान्वयन को संभव बनाए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संचालन के दृष्टिकोण से उत्कृष्ट, किफायती, व्यापक रूप से उपलब्ध और विश्वसनीय प्रौद्योगिकियों पर ध्यान देना चाहिए। जयशंकर सोमवार को न्यूयॉर्क पहुंचे थे जब सुरक्षा परिषद ने अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद आपात बैठक की। मुद्दे पर यह 10 दिन के भीतर दूसरी बैठक थी। प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म शांतिसैनिकों को क्षेत्र संबंधी सूचना उपलब्ध कराने पर केंद्रित है जिसका विकास भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान विभाग और संचालन सहायता विभाग के साथ मिलकर किया है। जयशंकर ने खुली चर्चा के बाद संवाददाताओं से कहा कि यूनाइट अवेयर एक परिस्थितिजन्य जागरुकता सॉफ्टवेयर कार्यक्रम है जो शांतिरक्षक के समक्ष आने वाले खतरे का आकलन आधुनिक निगरानी प्रौद्योगिकी के जरिए करेगा और उन्हें अपनी सुरक्षा मजबूत करने में मदद देगा। यह गंभीर परिस्थितियों में सजीव वीडियो और उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों का आकलन करेगा और शांतिरक्षकों को शीघ्र चेतावनी भेजेगा। इस प्लैटफॉर्म के इस्तेमाल से पूरे शांतिरक्षण अभियान का खाका तैयार किया जा सकता है, समन्वय किया जा सकता है इसकी निगरानी की जा सकती है। भारत ने ‘यूएन डिपार्टमेंट ऑफ पीसकीपिंग ऑपरेशंस’ और ‘डिपार्टमेंट ऑफ ऑपरेशनल सपोर्ट’ के साथ यह टेक्नोलॉजी प्लैटफॉर्म विकसित किया है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

भारत के कोविन प्लैटफॉर्म का दुनियाभर में डंका, 50 देश करना चाहते हैं इस्तेमाल

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नई दिल्ली | कनाडा, मैक्सिको, नाइजीरिया और पनामा सहित करीब 50 देशों ने अपने टीकाकरण अभियान के लिए कोविन जैसी प्रणाली में दिलचस्पी दिखायी है और भारत ‘ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर’ मुफ्त में साझा करने के लिए तैयार है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। कोविड-19 टीका अभियान के लिए अधिकार प्राप्त समूह के अध्यक्ष डॉ आर एस शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को सॉफ्टवेयर का एक ‘ओपन सोर्स’संस्करण तैयार करने और इसमें रुचि दिखाने वाले किसी भी देश को मुफ्त मुहैया कराने का निर्देश दिया है।

शर्मा ने कहा, 'कोविन मंच इतना लोकप्रिय हो गया है कि प्लैटफॉर्म मध्य एशिया, लातिनी अमेरिका, अफ्रीका के करीब 50 देशों ने कोविन जैसी प्रणाली में रुचि दिखाई है।' वह दूसरे लोक स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन 2021 को संबोधित प्लैटफॉर्म कर रहे थे। इसका आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने किया था। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर के स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों का एक वैश्विक सम्मेलन पांच जुलाई को डिजिटल तरीके से आयोजित किया जाएगा और उस कार्यक्रम में भारत साझा करेगा कि यह प्रणाली किस प्रकार काम करती है।

शर्मा ने कहा, 'हम विश्व को बता रहे हैं कि यह प्रणाली कैसे काम कर सकती है और हम किसी भी देश के साथ ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर मुफ्त में साझा करने के लिए किस प्रकार तैयार हैं। कनाडा, मैक्सिको, पनामा, पेरू, अजरबैजान, यूक्रेन, नाइजीरिया, युगांडा आदि देशों ने काफी रुचि दिखाई है। सूत्रों ने बताया कि वियतनाम, इराक, डोमिनिकन गणराज्य, संयुक्त अरब अमीरात जैसे अन्य देशों ने भी अपने यहां कोविड कार्यक्रम चलाने के लिए कोविन मंच के बारे में दिलचस्पी दिखायी है।

शर्मा ने कहा कि पांच महीनों में कोविन 30 करोड़ से अधिक पंजीकरण और टीकाकरण को संभालने लायक हो गया है। उन्होंने कहा, 'यह एक नागरिक केंद्रित मंच है और जिला स्तर तक सच्चाई का एक स्रोत मुहैया कराता है। शुरुआत से, यह सुनिश्चित किया गया था कि इस मंच का उपयोग कार्यक्रम तय करने, उसे फिर से निर्धारित करने या उन्हें रद्द करने के लिए किया जा सके।'

शर्मा ने कहा कि 1.3 अरब लोगों का टीकाकरण कोई मामूली काम नहीं है। उन्होंने कहा कि कोविन जैसे मंच का विकास दिखाता है कि भारत में इस तरह की बड़ी डिजिटल प्रणाली विकसित करने की क्षमता है। दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि महामारी ने स्वास्थ्य संबंधी पूरी व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बाधित कर दिया है। उन्होंने कहा, 'अब हमें आगे देखने और अपनी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने की आवश्यकता है। हमें भविष्य में ऐसी महामारी के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। हमारा मूल उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में समान पहुंच है। स्वास्थ्य को ‘जीडीपी’ के प्रतिशत के रूप में देखना महत्वपूर्ण है. स्वास्थ्य राज्य का विषय है लेकिन अभी राज्यों के बीच समन्वय की कमी है।'

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