ट्रेडर्स के लिए शुरुआती गाइड

विदेशी मुद्रा तकनीकी संकेतकों

विदेशी मुद्रा तकनीकी संकेतकों
उन्होंने कहा कि वैश्विक मोर्चे की बात की जाए तो एफओएमसी की बैठक के ब्योरे से कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. साथ ही संस्थागत निवेशकों का प्रवाह महत्वपूर्ण होगा. पिछले कुछ सत्रों से इसमें कमी आई है. जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर किसी बड़े घटनाक्रम के अभाव में बाजार वैश्विक संकेतकों से ही दिशा लेगा. बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 131.56 अंक या 0.21 प्रतिशत के नुकसान में रहा. वहीं निफ्टी में 42.05 अंक या 0.22 प्रतिशत की गिरावट आई.

शुरुआती कारोबार में गिरावट के बाद शेयर बाजारों में उछाल,अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे बढ़ा

मुंबई। मिले-जुले वैश्विक रुझानों के बीच मंगलवार को शुरुआती कारोबार में प्रमुख शेयर सूचकांकों में पहले गिरावट हुई, लेकिन बाद में निचले विदेशी मुद्रा तकनीकी संकेतकों स्तरों से उछाल आया। इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 61.98 अंक गिरकर 61,082.86 पर आ गया। व्यापक एनएसई निफ्टी भी 21.2 अंक गिरकर 18,138.75 पर था। हालांकि, बाद में दोनों सूचकांकों ने वापसी की और खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 65.49 अंक बढ़कर 61,210.33 पर विदेशी मुद्रा तकनीकी संकेतकों था। निफ्टी भी 21.55 अंक बढ़कर 18,181.50 पर पहुंच गया।

सेंसेक्स में नेस्ले, पावर ग्रिड, सन फार्मा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, विप्रो, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, रिलायंस इंडस्ट्रीज और कोटक महिंद्रा बैंक गिरने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे। दूसरी ओर अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, लार्सन एंड टुब्रो, एनटीपीसी और आईसीआईसीआई बैंक में तेजी रही। शेयर बाजार के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को शुद्ध रुप से 1,593.83 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

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Market Outlook This Week: ग्लोबल ट्रेंड से तय होगी बाजार की चाल, डेरिवेटिव एक्सपायरी की वजह से रहेगा उतार-चढ़ाव

Market Outlook This Week: ग्लोबल ट्रेंड से तय होगी बाजार की चाल, डेरिवेटिव एक्सपायरी की वजह से रहेगा उतार-चढ़ाव

स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह ग्लोबल ट्रेंड्स और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के प्रवाह से तय होगी.

Market Outlook This Week: स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह ग्लोबल ट्रेंड्स और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के प्रवाह से तय होगी. विश्लेषकों ने यह राय जताते हुए कहा कि इस सप्ताह घरेलू मोर्चे पर कोई बड़ा आंकड़ा नहीं आना है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा मंथली डेरिवेटिव एक्सपायरी की वजह से भी बाजार में विदेशी मुद्रा तकनीकी संकेतकों उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिटेल रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि इस सप्ताह फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक का ब्योरा जारी होगा, जिससे बाजार को आगे के लिए संकेतक मिलेंगे.

क्या है एक्सपर्ट्स की राय

  • रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के उपाध्यक्ष शोध अजित मिश्रा ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर कोई बड़ी घटना नहीं होने की वजह से स्थानीय बाजार की दिशा ग्लोबल ट्रेंड, कच्चे तेल के दाम और मुद्रा के उतार-चढ़ाव से तय होगी.
  • इसके अलावा नवंबर माह के डेरिवेटिव एक्सपायरी की वजह से भी बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. वैश्विक बाजारों में भी कुछ कमजोरी का रुख देखने को मिला.
  • स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक प्रवेश गौर ने कहा, ‘‘संकेतकों के अभाव में बाजार ने सीमित दायरे में कारोबार किया. डेरिवेटिव एक्सपायरी के बीच अब बाजार को दिशा के लिए संकेतकों का इंतजार रहेगा. इस बात की काफी संभावना है कि बाजार अभी ऊपर की ओर जाए. हालांकि, व्यापक रूप से बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है.’’

Mcap of Top 10 Firms: टॉप 10 में से 8 कंपनियों का मार्केट कैप 42,173 करोड़ बढ़ा, ICICI बैंक, Infosys को सबसे ज्यादा फायदा

Gold Price Today: खुशखबरी! सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, खरीदारी से पहले फटाफट चेक करें भाव

Gold-Silver Rate 21 November 2022: सोने-चांदी का भाव

  • News18 हिंदी
  • Last Updated : November 21, 2022, 16:34 IST

हाइलाइट्स

सोना 408 रुपये टूटकर 52,847 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद
चांदी भी 594 रुपये के नुकसान से 61,075 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद
सोने का भाव जानने के लिए इस नंबर 8955664433 पर मिस्ड कॉल दें

नई दिल्ली. अगर आप सोना या चांदी (Gold-Silver) खरीदना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. दरअसल, विदेशी बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने-चांदी के रेट्स में गिरावट दर्ज की गई है. दस विदेशी मुद्रा तकनीकी संकेतकों ग्राम सोना सस्ता होकर 52,847 रुपये का हो गया है. एक किलो चांदी के रेट भी कम हो गए हैं और अब यह 61,075 रुपये में बिक रही है. एचडीएफसी सिक्योरिटीज (HDFC Securities) ने यह जानकारी दी है.

जानें क्‍या है आज सोने का दाम?
दिल्ली सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 408 रुपये टूटकर 52,847 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 53,255 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था.

महंगाई के मोर्चे पर राहत

महंगाई के मोर्चे पर राहत

महंगाई डायन ने न केवल भारत को बल्कि पूरी दुनिया में लोगों को परेशान कर रखा है। पहले कोरोना महामारी की मार और फिर रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को भी झटका लगा है। महंगाई ने विदेशी मुद्रा तकनीकी संकेतकों आम लोगों का जीना दूभर कर दिया है। रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन-ताइवान तनाव और वैश्विक सप्लाई शृंखला में अवरोधों और ओपेक प्लस देशों द्वारा कच्चे तेल के उत्पादन में कमी से लगभग सभी देशों में महंगाई दर दो-तीन दशकों में रिकार्ड स्तर पर है। अमेरिका और यूरोपीय देशों में तेल और ऊर्जा संकट से हाहाकार मचा हुआ है। महंगाई के मोर्चे पर भारत की आम जनता के लिए अच्छी खबर यह विदेशी मुद्रा तकनीकी संकेतकों विदेशी मुद्रा तकनीकी संकेतकों है कि देश में तीन महीने बाद खुदरा महंगाई दर में कमी दर्ज की गई है। खाद्य उत्पादों के दाम कम होने से अक्तूबर महीने में खुदरा महंगाई दर 6.77 प्रतिशत पर आ गई है। पिछले महीने खुदरा महंगाई दर 7.41 प्रतिशत थी। हालांकि महंगाई दर अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है। नए आंकड़ों के अनुसार खाद्य, ईंधन और विनिर्मित उत्पादों के दाम कम होने से थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई अक्तूबर महीने में घटकर 19 महीने के निचले स्तर 8.39 प्रतिशत पर आ गई है। खुदरा महंगाई दर कम होने का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। सब्जियां, तेल, दाल और रोजमर्रा की चीजें सस्ती होने से आम आदमी की जेब पर बोझ कम पड़ता है। यह किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत माना जाता है।

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