ट्रेडर्स के लिए शुरुआती गाइड

बेयर मार्केट क्या है

बेयर मार्केट क्या है
Bull and Bear market In Hindi शेयर बाजार में बुल और बेयर का मतलब

What is the Bull and Bear market in Hindi? | बुल और बेयर मार्केट क्या है?

अगर आप शेयर बाज़ार से जुड़े हुए है तो आपने कभी न कभी बुल बाज़ार (Bull Market) और बेयर बाज़ार(Bear market) के बारे में सूना ही होगा| लेकिन क्या आप जानते है इसका सही अर्थ क्या है इसे कैसे देखा जाता है और इन दोनों के बीचा अंतर क्या है| अगर आप नहीं जानते तो यह लेख पूरा पढ़े क्योंकि यहाँ पर हमने आपके लिए आसान भाषा(Hindi) में बुल बाज़ार (Bull Market) और बेयर बाज़ार(Bear market) को समजाय है|

What is Bull Market in Hindi?(बुल मार्केट क्या है?)

सामान्य तौर पर बाज़ार का रुख हमेशा ही ऊपर की और होता है जिससे निवेशक पैसे कमाते है| जैसे की अगर आपने किसी शेयर में पैसे लगाए और उस शेयर की कीमत बढ़ने की वजह से आपको लाभ हुआ | यह बुल मार्केट कहलाता है जहा शेयर मार्केट के पॉइंट या शेयर के प्राइस बढ़ने से लोगो को लाभ होता है|

उदाहरण के रूप में अगर आपने किसी शेयर को 100 रुपये में लिया| अब कुछ कारण या अफवाह से इस शेयर की प्राइस बढ़कर 200 रुपये हो गयी| ऐसे में आपको प्रति शेयर 100 रुँपये का बड़ा लाभ हुआ| किसी भी शेयर की बढाती कीमतों से लाभ होता है तो उसे बुल मार्केट कहा जाता है|

What is Bear Market in Hindi?(बेयर मार्केट क्या है?)

यह बाजार के सामान्य रुख से विपरीत है| बेयर मार्केट में पैसा तब कमाया जाता है जब बाज़ार का रुख निचे की तरह हो| यहाँ पर शेयर की price कम होने पर लाभ होता है| बेयर मार्किट में शेयर की प्राइस जब घटती है तब मुनाफा अधिक होता है|

उदहारण के रूप में देखे तो इसमे शेयर खरीदने की जगह पहले बेचे जाते है| जैसे की अगर एक शेयर है जिसकी अभी की कीमत 100 रुपये है| अभी आपके पास यह शेयर नहीं है लेकिन आपको लगता है की आगे जाके इस शेयर की कीमत कम होने वाली है| अब आपने इस धारणा पर किसी व्यक्ति को एक शेयर बेच दिया| अभी आपके पास शेयर नहीं है लेकिन डिलीवरी देने के समय पहले जब भी शेयर की कीमत कम हो तब उसे खरीदकर जिसे बेचा था उसे डिलीवरी कर देना बेयर मार्किट है|

हमारे किस्से में हमने 100 रुपये में शेयर बेचा था| बाज़ार में उस शेयर की कीमत दुसरे या डिलीवरी देने से पहले घटकर 75 रुपये हो गयी| ऐसे में आपने जब बेचा तो खरीददार से 100 रुँपये लिया और आपने उसे 75 रुपये में खरीदा| मतलब की यह 25 रुपये का अंतर बेयर मार्किट में प्रॉफिट को दर्शाता है|

इसे बुल और बेयर मार्केट क्यों कहते है?

इन बाजारों को जानवर के नाम से बुलाने के पीछे इन जानवरों का स्वाभाव कारण माना जाता है| बुल काफी अग्रेसिवे स्वाभाव का होता है और वह जब भी किसी पर हमला करता है तब वह उसे ऊपर की औरर उछालता है| इसी लिए जब भी शेयर मार्केट ऊपर की और उछलता है तो उसे बुल मार्किट कहा जाता है|

बेयर यानी भालू यह बहोत से समय शांत रहता है यह जब भी अपने शिकार पर हमला करता है तब वह अपने पंजेका इस्तमाल करता है| पंजे के द्वारा वह शिकार पर ऊपर से हमला करता है निचे की तरफ| इसी लिए शेयर मार्केट जब निचे की तरफ जा रहा हो तब उसे बेयर मार्केट कहा हाता है|

Bull Market Vs. Bear Market in Hindi

बुल मार्केट(Bull Market)बेयर मार्केट(Bear Market)
यह बाज़ार की तेजी पर निर्भर है|यह बाज़ार की मंदी पर आर है|
इसे बैल के सिंबल से दर्शाया ता है इसे भालू के सिम्बल से दर्शाया जाता है|
अधिकतर शेयर मार्केट के खिलाड़ी इससे जुड़े हुए हैबहोत कम लोग इस मार्केट से जूडे हुए है|
शेयर की price बढ़ने पर फायदा होता है शेयर की price कम होने पर फायदा होता है
स्ट्रोंग इकॉनमी को दर्शाता है इकॉनमी की निर्बलता का सुचक है|

क्या सही है बुलिश मार्केट या बेयर मार्केट?

वेसे तो पैसे कमाने के लिए निवेशक दोनों प्रकार के मार्केट का उपयोग करते है लेकिन अगर लॉन्ग टर्म(लम्बी अवधि) को देखकर चलाना हो तो बुलिश मार्केट के सहारे ही आगे चलाना चाहिए| बुलिश मार्केट का ट्रेंड यहाँ दर्शाता है की शेयर मार्केट में तेजी है| अगर आपने शेयर मार्केट के इतिहास को पढ़ा हो तो आप यह जानते होगे की शेयर मार्केट की शुरुआत 100 पॉइंट से हुई थी और आज वह 40000 के पास पहुच चूका है|

मतलब की मार्केट लॉन्ग टर्म में हमेशा ही बुलिश होता है| जिसमे कभी कभी बेयरिश होता है| जब की बेयरिश मार्केट में भी कभी कभी बुल मार्केट होता है लेकिन ओवरआल देखे तो मार्केट का अभीतक का ट्रेंड बुलिश ही रहा है| इसी लिए धैर्य से बाज़ार में निवेश करना हो तो बुलिश मार्केट ही सही होगा|

conclusion

यहाँ पर हमने आपसे Bull and Bear market in Hindi(बुल और बेयर मार्केट क्या है?) इसकी विस्तार से जानकारी दी है| इसमे दोनों के बिच का तफावत भी आप पढ़ सकते है| यहाँ पर हमने अभी तक के इतिहास में दोनों मार्केट की स्थिति कैसी रही उस पर भी जाकारी प्रदान की है| अगर आपको इस विषय में और भी कोई प्रश्न है तो आप हमें कमेंट कर के पूछ सकते है| हमें आशा है की आप को हमारा यह लेख What is the Bull and Bear market in Hindi? पसंद आया होगा|

Bull Market और Bear Market क्या है? जानिए हिंदी में

बाजारों को अक्सर (Bull) ‘बैल’ या (Bear) ‘भालू’ बाजार के रूप में वर्णित किया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है, Bull Market और Bear Market क्या है? यह मार्केट का बेसिक पार्ट है जिससे जानना आपको जानना बेहद जरूरी है। क्योंकि Bull Market और Bear Market से ही बाजार की स्थिति पता चलती है, और आगे हम जानेंगे कि आखिर इन नामों की व्युत्पत्ति मार्केट में कैसे हुई।

यदि आपने हर्षद मेहता के जीवन पर आधारित लोकप्रिय वेब सीरीज Scam1992 देखी है, तो आपको याद होगा कि उसमें ‘मंदोड़िया’ (बियर) और ‘तेजड़िया’ (बुल) के बारे में बताया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि बुल और बियर मार्केट, बाजार की एक्विटी के आधार हैं। चलिए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि बुल बाजार और बियर बाजार क्या है?

What is Bull or Bear Market in Hindi, बुल और बियर बाजार क्या है?

बाजारों को अक्सर ‘बैल’ या ‘भालू’ बाजार के रूप में वर्णित किया जाता है। इन नामों की व्युत्पत्ति उस तरीके से हुई है जिसमें जानवर अपने विरोधियों पर हमला करते हैं। एक बैल अपने सींगों को हवा में उछालता है, और एक भालू अपने पंजे नीचे दबाता है। ये क्रियाएं बाजार की गति के लिए रूपक हैं: यदि स्टॉक की कीमतें ऊपर की ओर बढ़ती हैं, तो इसे (Bull Market) एक बैल बाजार माना जाता है, यदि प्रवृत्ति नीचे की ओर है, तो इसे एक (Bear Market) भालू बाजार माना जाता है।

बुल मार्केट (Bull Market)

डियर पाठक (Bull Market) बाजार की वह फाइनेंशियल सिचुएशन है जो इन्वेस्टरों के लिए आत्मविश्वास, आशा की किरण, वह पॉजिटिव उम्मीदों को दर्शाता है।

वैसे तो ‘बैल बाजार’ (Bull Market) स्टॉक मार्केट से संबंध रखता है, लेकिन आपको बता दें कि बुल बाजार सभी वित्तीय बाजारो जैसे कि- मुद्राओं, ब्रांडो, और प्रोडक्ट आदि पर भी लागू होता है। बुल बाजार के समय, अर्थव्यवस्था (Economy) में सब कुछ ऊपर की ओर बढ़ता है, जैसे कि जीडीपी की ग्रोथ होना, नौकरी के सेक्टर में वृद्धि होना, और शेयर बाजार में स्टॉक कीमतें बढ़ती है। और मार्केट में कई बदलाव आते हैं

अगर आपको सिंपल लैंग्वेज में बतायें तो ‘बुल बाजार’ (Bull Market) अक्सर शेयरों को ओवरवैल्युएशन की ओर ले जाता है ऐसा इसलिए क्योंकि इन्वेस्टर बुल बाजार के समय अधिक आशावादी होते हैं और उनका ऐसा मानना होता है कि स्टॉक ऊपर की ओर ही बढ़ेगा

बेयर मार्केट (Bear Market)

डियर पाठक बुल बाजार (Bull Market) के विपरीत ‘बियर मार्केट’ (Bear Market) जो मंदी और खराब अर्थव्यवस्था, स्टॉक मार्केट में शेयरों की कीमतों में गिरावट को दर्शाता है। क्योंकि मंदी के समय निवेशक का व्यवहार थोड़ा निराशावादी होता है, वैसे यह जरूरी नहीं लेकिन उन्हें डर होता है की स्टॉक नीचे की ओर परफॉर्म करेगा।

Bear Market निवेशकों के लिए अल्पावधि (कम समय) के लिए लाभदायक शेयरों को चुनना कठिन बना देता है।

बियर बाजार (Bear Market), के समय अधिक लोग खरीदने के बजाय स्टॉक बेचने में रुचि रखते हैं और इन्वेस्टरो का विश्वास कमजोर होता है। एक हालिया उदाहरण 2020 की महामारी का ही ले लीजिए, जिसमें अधिकांश इन्वेस्टर मार्केट से बाहर निकलना चाहते थे क्योंकि किसी को नहीं पता था कि महामारी कैसे निकलकर सामने आएगी या कितनी लंबी चलेगी।

बुल और बियर बाजार के महत्वपूर्ण बिंदु

  • प्रतिभूतियों (Securities) की आपूर्ति और मांग काफी हद तक यह डिसाइड करती है कि बाजार तेजी या मंदी के दौर में है या नहीं। इन्वेस्टर मनोविज्ञान, अर्थव्यवस्था में सरकार की भागीदारी और आर्थिक एक्टिविटी में बदलाव जैसी ताकतें भी बाजार को ऊपर या नीचे चलाती हैं। ये निवेशकों को शेयरों के लिए उच्च या निम्न कीमतों की बोली लगाने बेयर मार्केट क्या है के लिए गठबंधन करते हैं।
  • Bull Market, बुल बाजार हमेशा मार्केट की बढ़ती हुई स्थिति को दिखाता है, और वही Bear Market, बियर बाजार मार्केट की गिरती हुई स्थिति को दिखाता है जहां बाजार में मौजूद ज्यादातर स्टॉक्स कीमतें गिरने लगती है।
  • बाजार में दो तरह के लोग होते हैं एक बुल मार्केट को पसंद करने वाले, दूसरे बियर मार्केट को पसंद करने वाले बियर मार्केट में इन्वेस्टर शॉर्ट सेलिंग (Short Selling) करके प्रॉफिट कमाते हैं। लेकिन मार्केट में अक्सर ऐसा देखा जाता है कि ज्यादातर इन्वेस्टर बुल मार्केट को ही सपोर्ट करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि बीते कुछ वर्षों का इतिहास देखे तो मार्केट बुलिश (बढ़ता हुआ) दिखाई देगा
  • बियर मार्केट इन्वेस्टमेंट को थोड़ा रिस्की माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान स्टॉक्स की प्राइस में काफी उतार चढ़ाव आता है।

निष्कर्ष, Bull Market और Bear Market क्या है?

डियर पाठक आज के इस लेख Bull Market और Bear Market क्या है? के अंदर हमने बुल बाजार और बीयर बाजार को समझा और आपको बता दें कि बाज़ार हमेशा या तो मंदी में रहेगा या तेज़ी में। इसलिए आपको समय-समय पर मार्केट को देखते रहना चाहिए अगर आप एक अच्छे ट्रेडर हैं या सीख कर ट्रेडर बनेंगे तो आप मार्केट बियर हो या बुल आप पैसा बनाओगे

इसलिए सीखने पर फोकस करें आशा करते हैं कि आज का लेख Bull Market और Bear Market क्या है?(Bull market or bear market kya hota hai) आपको काफी नॉलेजेबल लगा होगा अगर आपका फिर भी कोई सवाल है तो कमेंट बॉक्स में बेझिझक पूछ सकते हैं।

Bull and Bear Market in Hindi

Bull and Bear market In Hindi शेयर बाजार में बुल और बेयर का मतलब क्या हैं? प्रश्न यह है कि शेयर बाजार में बैल और भालू का क्‍या सम्‍बन्‍ध है? क्यों शेयर बाजार के समाचारों के साथ बुल और बेयर को भी चित्रित किया जाता है? Understanding what is Bull and Bear Market in Hindi.

Bull and Bear market In Hindi शेयर बाजार में बुल और बेयर का मतलब

Bull and Bear market In Hindi शेयर बाजार में बुल और बेयर का मतलब

Bull and Bear market In Hindi

शेयर बाजार में Bull and Bear का मतलब। शेयर बाजार की अपनी एक भाषा होती है। जो लोग यह सोचते हैं कि बाजार तेजी के रुख में रहेगा तो लाभ की आशा में वे और शेयर खरीदना चाहते हैं इसीलिये उन्हें तेजड़िये कहते हैं। जो सोचते हैं कि बाजार में कीमतें गिरेंगी वे शेयरों को बेचना चाहते हैं तो उन्हें कहते हैं मदड़िये। इन्ही तेजड़ियों को बाजार में Bulls यानी बैल कहा जाता है तथा मंदड़ियों को Bear यानी भालू।

Bull and Bear Market in Hindi – यानी तेजड़िया और मंदड़िया

इसी लिये जब भी बाजार में तेजी आती है तो अगले दिन सेंसेक्स के ग्राफ के साथ बैल को चित्रित किया जाता है और जब बाजार तेजी से गिरते हैं तो भालू का चित्र दिखाया जाता है। शेयर बाजार का सारा खेल शेयर खरीदने और बेचने वालों के बीच ही होता है. खरीदने वाला Bull यानि बैल और बेचने वाला Bear यानी भालू. तो यह होता है शेयरबाजार में Bull and Bear का मतलब.

Bull and Bear Market in Hindi – जानवरों के स्वभाव पर आधारित

मान्यता है कि यह नाम इस जानवरों के हमला करने के तरीके से पड़ा। जब भी बैल हमला करता बेयर मार्केट क्या है है तो अपने शिकार को नीचे से उठा कर उछाल देता है जबकि भालू अपने शिकार को हमेशा पंजों से नीचे की ओर दबाता है। कुछ ऐसा ही व्यवहार बाजार में तेजड़िए और मदड़िये भी करते हैं. इसीलिए इन जानवरों से बाजार के इन खिलाडियों की पहचान बनी.

प्रतीकात्मक

जब शेयर बाजार में तेजी होती है और बाजार के सूचकांक ऊपर जा रहे होते हैं तो उसे बुल्लिश मार्किट कहते हैं. जब बाजार के सूचकांक गिर रहे होतें हैं तो उसे बेयरिश मार्किट कहते हैं. भारत के शेयर बाजारों में मुख्यत दो सूचकांक हैं सेंसेक्स और निफ्टी. बैल जहां शक्ति का प्रतीक है वहीँ लापरवाही का भी प्रतीक है.

Bull Market की पहचान

बुल्लिश मार्किट में कमजोर शेयर भी अनाप शनाप में ऊंची ऊंची कीमतों तक पहुँच जाते हैं. बाजार में ऐसा माहोल बन जाता है कि कई घटिया शेयर भी बहुत महंगे हो जाते हैं. बाजार में नए नए निवेशक पहुँचने लग जाते हैं. बाज़ार अविश्वसनीय स्तर तक पहुँचने लगते हैं। हर तरफ लालच का माहौल बन जाता है।

Bear Market की पहचान

इसके विपरीत बेयरिश मार्किट में हर तरफ ख़ामोशी और निराशा छा जाती है. बड़ी बड़ी कंपनियों के शेयर औंधे मुंह गिरे होते हैं मगर कोई उन्हें पूछता भी नहीं है. निराशा के कारण कोई खरीददार नहीं मिलता. बाजार से निवेशक गायब हो जाते हैं. लोग पैसा लगाना नहीं चाहते। डर का माहौल बन जाता है।

Bull and Bear हैं इस बाजार की पहचान

तो इस प्रकार शेयर बाजार हमेशा निवेशकों के डर और लालच पर चलता है। बाज़ार हमेशा या तो मंदी में रहेगा या तेज़ी में। कभी कभी तेजी के बाज़ार में छोटे छोटे मंदी के दौर आते हैं तो कभी मंदी के दौर में छोटे छोटे तेज़ी के दौर आते हैं। बहुत लंबे समय में बाजार तेज ही रहता है।

मंद बाजार में निवेश कैसे करें

हिंदी

लोकप्रिय विश्वास के विपरीत , बैल बाजार हमेशा नहीं बने रहते हैं। बियर बाजार बाजार चक्र का एक हिस्सा है जो आपके पोर्टफोलियो को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हुए फिर से आएगा। कोई बेयर मार्केट क्या है भी यह नहीं बता सकता कि एक बियर बाजार कब तक चलेगा और यह आपके पोर्टफोलियो को कितने गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। बियर बाजार में निवेश करने के तरीके पर तैयारी और रणनीतिकरण न केवल आपको अपने नुकसान को कम करने में मदद कर सकता है बल्कि यह भी सुनिश्चित कर सकता है कि आप इससे पैसा कमाएं।

बियर बाजार क्या है?

एक बियर बाजार को लंबे समय तक परिभाषित किया जाता है जब प्रतिभूतियों की कीमतों में 20 प्रतिशत या उससे अधिक की गिरावट आती हैं। जब गिरावट 2 महीने से अधिक समय तक जारी रहती है, तो इसे बियर बाजार में प्रवेश कहा जाता है। एक बियर बाजार नकारात्मक रिटर्न की अवधि के द्वारा चिह्नित किया जाता है। बाजार की भावनाएं निराशावादी हैं, जिससे अधिक स्टॉक बेचे जाते हैं जो आगे बाजार पर और भार डालते हैं। स्टॉक की कीमतों में इस तरह की गिरावट का कारण एक अप्रत्याशित भयावह घटना, किसी क्षेत्र में एक वित्तीय संकट, बाजार सुधार और कॉर्पोरेट लाभ में गिरावट के रूप में एक आर्थिक संकट से ट्रिगर हो रही निवेशकों द्वारा हड़बड़ी में की गई बिक्री के जैसे कई कारक हो सकते हैं। तूफान की सवारी करने में साहस लगता है, और बियर बाजार नए और अनुभवी निवेशकों दोनों के लिए मुश्किल हो सकता है। बियर बाजार के लिए सबसे अच्छा तरीका निवेशकों के समय क्षितिज, निवेश उद्देश्यों और जोखिम सहिष्णुता पर निर्भर करेगा। जबकि अधिकांश डर आधारित बियर बाजार,आपके पोर्टफोलियो को विकसित करने और दीर्घकालिक धन निर्माण के लिए आधारभूत कार्य तैयार करने का सबसे अच्छे अवसर हो सकते हैं।

बियर बाजार में क्या करना है?

गंभीर बियर बाजार आपके वित्त पर कहर बरपा सकता है। आर्थिक मंदी के कारण वेतन में कटौती, भुगतान में देरी तथा कटौती हो सकती है। इससे पहले कि आप एक बियर बाजार में निवेश करने में तल्लीन हों,तड़तड़ाती अर्थव्यवस्था के लिए पहले खुद को सुसज्जित करना बेहतर होता है। एक गुंजाइश का निर्माण करें और एक आकस्मिक निधि का निर्माण करें जिसमें 6 महीने के खर्च शामिल हों। यह संभाव्य घटनाओं के दौरान आपको बचाएगा और आपको अपनी सेवानिवृत्ति बचत का उपयोग करने से रोकेगा।

बियर बाजार अपनी जोखिम भूख का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए भी एक अच्छा समय है। कुछ निवेशक निवेश करने से पहले बियर बाजार को जारी रहने का इंतजार करते हैं। जब बाजार पूरी तरह से ठीक हो जाता है, तो निवेशक अक्सर महसूस करते हैं कि वे मौका चूक गए हैं। अब जितने अधिक लंबे समय तक इंतजार करेंगे, उतना ही आप पीछे गिरेंगे। तो बाजार में एक कंपित प्रवेश करें, लेकिन सुनिश्चित करें कि आपके पास पर्याप्त नकदी हो।

सूचित निर्णय लेने के लिए, वित्तीय योजना रखना आवश्यक है। एक योजना के बिना, आप बाजार उथल-पुथल के दौरान आपके जल्दबाजी भरा निर्णय लेने की संभावना है।

एक बियर बाजार में निवेश कैसे करें?

बियर बाजार में निवेश करने के लिए कुछ युक्तियां निम्नानुसार हैं:

कसकर पकड़ें – यदि आप किसी भी कंपनी में विश्वास करते हैं, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसकी स्टॉक कीमत कितनी तेजी से गिरती है, इसे बनाए रखें। यदि आपको नकदी की आवश्यकता है तो आप बेचने पर विचार कर सकते हैं; कंपनी के शेयरों में व्यापार विवेकपूर्ण है या नहीं, यह जानने के लिए भी आपको अपने पोर्टफोलियो का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए। दीर्घकालिक निवेश को समाप्त करके अपने लक्ष्यों को खतरे में डालना बेहतर नहीं है।

स्टॉक खरीदें – एक बियर रन के दौरान, सभी कंपनियों के शेयर मूल्य गिर जाते हैं। इसे शेयर निवेश करने और खरीदने का सबसे अच्छा समय माना जाता है। हालांकि, आपको अच्छी कंपनियों के स्टॉक खरीदने चाहिए जो भविष्य में बढ़ेंगे। अपने पोर्टफोलियो को फिर से संतुलित करें और विकास करने वाले स्टॉक से महत्व वाले स्टॉक की ओर ध्यान केन्द्रित करें।

एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण रखें – इसकी संभावना नहीं है कि आपके द्वारा खरीदे गए स्टॉक एक वर्ष के भीतर रिटर्न प्राप्त करेंगे क्योंकि यह भविष्यवाणी करना मुश्किल है कि बियर बाजार कितनी देर तक चलेगा। इसलिए एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण रखें और वे स्टॉक खरीदें जो आप लंबी अवधि के लिए रखेंगे।

लाभांश स्टॉक खरीदें – बियर बाजार उच्च भुगतान लाभांश के इतिहास के साथ शुद्ध कंपनियों के लिए एक अच्छा समय है। लाभांश एक स्थिर आय पैदा करने का एक अच्छा तरीका है।इससे आप लाभांश के माध्यम से अर्जित धन का पुनर्निवेश भी कर पाएंगे। हालांकि, केवल लाभांश स्टॉक को देखकर उच्च विकास कंपनियों की अनदेखी न करें। जब कीमतें गिरती हैं, तो उच्च वृद्धि वाले शेयर खरीदने का सबसे अच्छा समय है जिन पर कि आप हमेशा नजर गड़ाए हुए थे।

अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाएं – जबकि बियर बाजार स्टॉक खरीदने के लिए सबसे अच्छा समय है, यह अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने और बांड खरीदने के लिए भी एक अच्छा अवसर हो सकता है। बांड कम अस्थिर हैं और आपको एक नियमित नकदी प्रवाह देंगे जिसका आप पुनर्निवेश कर सकते हैं। बॉन्ड निश्चित परिसंपत्तियां हैं जो आपके सेवानिवृत्ति पोर्टफोलियो में जोखिम की मात्रा को कम करती हैं। ऐसी परिसंपत्तियों को शामिल करना जो बाजार के उदय और बेयर मार्केट क्या है गिरावट पर निर्भर नहीं हैं, रिटर्न को बढ़ा सकता है।

बाजार का समय – बियर बाजार के दौरान अधिकांश निवेशक बाजार से भागते हैं और अपने निवेश को बाहर निकल लेते हैं। बाजार की अस्थिरता एक तथ्य है और जबकि गिरावट निवेशकों के बीच एक आतंक पैदा करती है, बाजार का समय मूर्खों का काम है। बियर बाजार के दौरान सबसे अच्छा कदम तूफान की सवारी करना है।

बियर रन हमेशा के लिए नहीं रहता है। इसलिए, निवेश के साथ धीरज रखने से आपको जीत मिलेगी। अपने शेयरों को बेचने की जल्दी न करें। कंपनियों के विकास पर निगरानी रखें और शेयरों को लंबे समय क्षितिज तक बनाए रखें। यदि आप एक नए निवेशक हैं, तो बाजार में प्रवेश करने का एक अच्छा समय है। लेकिन सुनिश्चित करें कि आप अच्छे स्टॉक में निवेश करें।

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