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स्विंग ट्रैडिंग कैसे करे?

स्विंग ट्रैडिंग कैसे करे?
बड़े-बड़े म्यूचल फंड और फंड मेंज जेसी कंपनियां ज्यादा तर 10 बजे के बाद ही खुलता है। और जब यह अपना पैसा मार्केट में लगाते है। तो बड़ा मूव मार्केट में होता है। आप को यह आर्टिकल समझ में आया की नही कमेंट के जरिये जरूर बताएं।

स्विंग ट्रेडिंग क्या है - What Is Swing Trading In Hindi

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शेयर बाजार में आजकल हर कोई यह जानना चाहता है कि ऑप्शन ट्रेडिंग क्या होती है और कॉल एंड पुट

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स्विंग ट्रेडिंग क्या है – What Is Swing Trading In Hindi

स्विंग ट्रेडिंग क्या होती है: Swing Trading Kya Hai जब किसी शेयर को खरीदकर कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक रखकर बेच दिया जाता है तो इसे स्विंग ट्रेडिंग कहते है Swing Trading में Shares की Delivery ली जाती है इसलिए इसे Delivery Based Trading भी कहते है।

स्विंग ट्रेडिंग में पोजीशन को Overnight Carry किया जाता है जिसका अर्थ है की Swing Trading में पोजीशन को कम से कम एक रात के लिए रखा जाता है आज खरीद कर कल बेच दे या 1 हफ्ते बाद बेच दे या 1 महीने बाद बेच दे तीनों ही कंडीशन में इस ट्रेड को Swing Trade कहेंगे।

Swing Trading को Monthly Trading भी कहते है क्योंकि एक महीने के अंदर Share को खरीद कर बेचना होता है Swing Trading से महीने का 5% से 10% तक Return कमाया जा सकता है।स्विंग ट्रेडिंग में Technical Analysis और Fundamental Analysis दोनों का उपयोग किया जाता है

स्विंग ट्रेडिंग कैसे शुरू कर सकते है ? How To Start Swing Trading

How To Start Swing Trading In Stock Market:Swing Trading करने के लिए किसी भी ब्रोकर के पास ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खुलवाना होता है ट्रेडिंग अकाउंट शेयर को खरीदने के लिए और डीमैट अकाउंट ख़रीदे हुए स्विंग ट्रैडिंग कैसे करे? शेयर्स को रखने के लिए जरूरी होता है।

Support And Resistance: Swing Trading में Support And Resistance का बहुत बड़ा योगदान होता है कोशिश यही करनी चाहिए की सपोर्ट पर ब्रेकआउट के बाद ख़रीदे और रेजिस्टेंस पर ब्रेकडाउन पर बेचे।

News Based Stock: एक स्विंग ट्रेडर ऐसे स्टॉक्स को चुनता है जिसमें बाजार की किसी खबर का असर हो और उस खबर की वजह से वह स्टॉक किसी एक दिशा में ब्रेकआउट देने की तैयारी में हो या ब्रेकआउट दे चूका हो वह खबर बुरी या अच्छी किसी भी प्रकार की हो सकती है खबर अच्छी हुई तो ऊपर की तरफ Breakout होगा नहीं तो नीचे की तरफ Breakdown होगा।

स्विंग ट्रेडिंग के जोख़िम और फ़ायदे – Swing Trading Risk And Benefits

Monthly Income(Monthly स्विंग ट्रैडिंग कैसे करे? P&L): स्विंग ट्रेडिंग से Monthly Income कमायी जा सकती है प्रॉफिट हुआ या लोस्स ये महीने के स्विंग ट्रैडिंग कैसे करे? अंत में ही पता चल जाता है

Margin: स्विंग ट्रेडिंग के लिए ब्रोकर द्वारा मार्जिन नहीं मिलता है पूरा पैसा अपनी जेब से लगाना पड़ता है इसलिए जिनके पास कम पैसा है वो स्विंग ट्रेडिंग से ज्यादा कमा नहीं सकते है आम तौर पर स्विंग ट्रेडिंग के लिए कम से कम 2 से 5 लाख रुपये की आवश्यकता होती है।

Overnight Holding Risk: स्वींग ट्रेडिंग में Overnight Holding Risk होता है कई बार किसी न्यूज़ की वजह से मार्किट Gap Up या Gap Down Open होता है जिसकी वजह से आकस्मिक लाभ या हानि हो सकती है ऐसी लाभ या हानि का पहले अनुमान नहीं लगाया जा सकता है।

फ़ास्ट मोमेंटम इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रेटजी।

आप अगर ऑप्शन ट्रेडिंग करते होंगे या आप करना चाहते हो। आपको पता होना चाहिए कि मार्केट में फ़ास्ट मोमेंटम कहां से आ सकता है। ताकि आपका थीटा डीके होने की वजह से आप को लॉस ना हो। इसके लिए आपको मोमेंटम ट्रेडिंग स्ट्रेटजी की आवश्यकता है। जो आज सीखने वाले हो। (momentum trading strategy) जिससे कि आपका लोस काम से काम हो। और प्रॉफिट ज्यादा से ज्यादा हो।

दोस्तों में आप को दस स्ट्रेटजी नहीं बताने वाला हु। सिर्फ एक बताऊंगा। जो आप के लिए बेस्ट है। जिससे कि आप अच्छा प्रॉफिट कमा सकते हो। में आप को कोई ऐसी चीज नहीं बताने वाला जैसे की कोई मार्केट सीक्रेट या कोई ऐसी स्ट्रेटजी जो आप को लॉस ना दे।

दोस्तो अपने अनुभव से बता रहा हु की स्टॉक मार्केट का कोई सीक्रेट नहीं होता है। और दुनिया में कोई भी ऐसी स्ट्रेटजी नहीं है जो की आप को कभी भी लॉस ना दे। तो आप स्टॉप लॉस के साथ ही ट्रेड करे वैसे आप ने बहुत से लोगो से सुना होगा कि या बहुत से वीडियो देखे होगे।

सबसे अच्छा मोमेंटम ट्रेडिंग स्ट्रेटजी कोन सा है।

सबसे अच्छा मूमेंटम स्ट्रेटजी है बॉक्स स्ट्रेटजी यह स्विंग ट्रैडिंग कैसे करे? खाफी अच्छा है बॉक्स स्ट्रेटजी मूमेंटम काफी अच्छा मिल जाता और काफी फ़ास्ट होता है। बस आप की एंट्री अच्छी होनी चाहिए।

बॉक्स स्ट्रेटजी का मतलब होता है की प्राइस एक ही रेंज में 20 मिनट 30 मिनट या फिर एक घंटा एक ही जगह पर है। और उसने एक रेंज बनाया हुआ है उस रेंज से वह ना तो ऊपर जा रहा है ना ही नीचे जा रहा है। उसे हम बॉक्स बना लेते हैं नीचे दिए गए फोटो में समझाया गया है

बॉक्स स्ट्रेटजी बॉक्स स्ट्रेटजी

यह फोटो देखकर आप समझ गए होगे। कि बॉक्स कैसे बनता है अच्छा वैसे आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि यह बॉक्स आखिर बंता क्यों है। बॉक्स इसीलिए बनता है जहां पर सेलोर और बायर दोनों लड़ रहे होते हैं बायर मार्केट को ऊपर ले जाना चाहता है। सेलोर मार्केट को नीचे ले जाना चाहता है तो फिर वहां पर ऐसा बॉक्स बन जाता है और बॉक्स का जिधर भी ब्रेक आउट होगा उधर ही पोजीशन बनाना है

बॉक्स स्ट्रेटजी में पोजीशन कैसे बनाये। ( Buy and Sell )

बॉक्स स्टेटर्जी में पोजीशन बनाने से कुछ रूल को फॉलो करना है। जैसे की

  • चार्ट टाइम फ्रेम 5 मिनट का यूज़ करना है।
  • 20 मिनट से ज्यादा प्राइस एक जगह पर होल्ड करना चाहिए। यानि 5 मिनट के 4 केंडल से ज्यादा एक जगह पर होल्ड करना चाहिए।
  • स्टॉप लोस्स बॉक्स के निचे या ऊपर लगाना है।
  • पोजीसन बॉक्स का ब्रेक आउट होने के बाद 5 मिनट की केंडल क्लॉस होने के बाद पोजीसन बनाना है।
  • टारगेट स्टॉप लॉस का डबल रखना है।

उदाहरण = बॉक्स बन्ने के बाद बॉक्स का ब्रेक आउट निचे हुआ है। आप को नीचे पोजीसन बनाना है। क्योंकी बायर का स्टॉप उस बॉक्स के निचे लगा हुआ होगा और वह अपनी पोजीसन काटेंगे तो मार्किट तेजी से निचे आएगी। यह पर देखा गया है की काफी तेजी मोमेंटम आता है। बॉक्स स्टेटर्जी में फ़ास्ट मोमेंटम इस लिए आता है असा करता हु आप समझ गए होंगे। निचे कुछ फोटो दिया हुआ है। उससे और अच्छे से समझ आ जायेगा।

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इस वीडियो में, हम शीर्ष तकनीकी संकेतकों को देखते हैं जो सफल स्प्रेड बेटर्स से अपनी ट्रेडिंग रणनीतियां बनाते हैं। हम देखते हैं कि संकेतकों का क्या मतलब है और उन्हें बाजारों में कैसे लागू किया जाना चाहिए। हम वास्तविक दुनिया के उदाहरणों को देखते हैं कि कैसे संकेत और संकेत लाभदायक ट्रेडों को जन्म दे सकते हैं।

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ट्रेडिंग कैसे करे इन हिंदी 2022 | Trading kaise kare in hindi

Trading kya hota hai :- ट्रेडिंग का हिंदी अर्थ “व्यापार” होता है हमारे भारत देश में ट्रेडिंग बहोत ज्यादा प्रचलित शब्द है। जिसका सिंपल मतलब व्यापार करना होता है इसमें मुख्य रूप से शेयर की खरीदी और बिक्री का व्यापार किया जाता है जो आज के समय का सबसे जल्दी पैसा कमाने का जरिया बना हुआ है। एक व्यापारी या कोई भी आम व्यक्ति इसे आज के समय में आसानी से कर सकता है। इसके बाद हम जानेंगे की Trading kaise kare in hindi में।

Trading kaise kare

ट्रेडिंग कैसे करे

अगर आ सोच रहे है कि ट्रेडिंग करके लाखो रूपये कमाया जा सकता है तो आप सही सोच रहे है लेकिन लाखो रूपये जिस प्रकार आप कमा सकते है उसी प्रकार आप अपना लाखो रूपये इसमें गवा भी सकते है ट्रेडिंग करना तो आसान है मगर इसे बिना सिखे करेंगे तो आपके लिए ये जोखिम भरा हो सकता है।

ट्रेडिंग कैसे करे ? (Trading kaise kare)

ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास मुख्यतः डीमैट अकॉउंट और ट्रेडिंग अकॉउंट होना आवश्यक है इसके बिना आप ट्रेडिंग नहीं कर सकते है तो सबसे पहले आप अपना डीमैट अकॉउंट खोले जिसके साथ ही ट्रेडिंग अकॉउंट अपने आप खुल जाता है। डीमैट अकॉउंट और ट्रेडिंग अकॉउंट को खोलना काफी आसान है इसके लिए गूगल प्ले स्टोर में बहोत सारे ऑनलाइन एप्प मौजूद है जिसमे आप अपना अकॉउंट खोल सकते है।

ट्रेडिंग अकॉउंट डीमैट अकॉउंट जैसा ही होता है लेकिन इसमें आपके द्वारा ट्रेड किये गए सभी Transaction को डाटा के रूप में रखता है दरासल ट्रेडिंग अकॉउंट आपके ब्रोकर के पास मौजूद होता है।

आपके द्वारा डीमैट अकॉउंट में शेयर की खरीदी और बिक्री को रिकॉर्ड करके ब्रोकर ट्रेडिंग अकॉउंट के मदद से आपके शेयर को आपके निर्देश अनुसार खरीद और बेच सकता है।

ट्रेडिंग के प्रकार (Trading ke prakar)

एक सफल ट्रेडर बनने के लिए आपको शेयर मार्केट में एक टाइप चूस करना होगा और उसी के अनुसार आप शेयर मार्केट में आसानी से ट्रेड कर सकते है। शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के अलग अलग प्रकार है Trading ke prakar जो निन्म है –

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है ? (Intraday Trading kya hai )

Intraday Trading वो ट्रेडिंग है जिसे एक दिन में कम्पलीट करना होता है सिंपल शब्दों में समझे तो इसमें जिस दिन शेयर को खरीदते है उसी दिन शेयर को बेचना होता है इसका एक्सपायरी डेट एक दिन का होता है। समय की बात करे तो सुबह 9:15 बजे से लेकर दोपहर 3:30 बजे तक का समय दिया गया है।

अगर आप 10 बजे शेयर खरीदते है तो आपको वो शेयर 3:30 बजे तक या उससे पहले बेचना होता है यदि आप शेयर को खरीद कर नहीं बेचते है तो आपका ब्रोकर उस शेयर को बेच देता है और उसे बेचने का चार्ज आपसे वसूल करता है। अगर आप Intraday Trading करते है तो आपको इसमें समय को ध्यान में रखकर ट्रेड करना आवश्यक है।

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