शुरुआती लोगों के लिए निवेश के तरीके

दो डीमैट खाते होने के फायदे

दो डीमैट खाते होने के फायदे
शेयरों से कमाई को धड़ाधड़ खुल रहे डीमैट अकाउंट, आपको खुलवाना है? ऐसे खुलवाएं

पांच सौ डीमैट खाते खुलवाकर 15 करोड़ ठगे

Noida Bureau

नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 07 Sep 2022 01:18 AM IST

15 crore cheated by opening five hundred demat accounts

नोएडा। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने करेंसी में ट्रेडिंग करने के लिए डीमैट खाता खुलवाकर ठगने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी शोएब को मध्यप्रदेश के देवास से गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर यूपी सहित अन्य राज्यों के लोगों के 500 डीमैट खाते खुलवाकर 15 करोड़ रुपये ठग चुका है। पुलिस फरार दो आरोपियों की तलाश कर रही है।
इंदौर में अमदानी सोल्यूशन के नाम से ऑफिस खोलकर शोएब दो साथियों के साथ मिलकर गिरोह चला रहा था। आरोपी करेंसी में ट्रेडिंग करने के लिए डीमैट खाता खुलवाते थे। गिरोह ने गाजियाबाद निवासी अशोक मिश्रा से 15 लाख रुपये ठगे थे। इस मामले की शिकायत की जांच के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शोएब दो डीमैट खाते होने के फायदे को गिरफ्तार कर लिया। ठगोें ने ट्रेडिंग के लिए मेटा ट्रेडर्स-05 नाम से फर्जी ऐप बनाकर प्ले स्टोर पर अपलोड कर रखा था। ऑफिस में कुछ लड़कों और लड़कियों को भी नौकरी पर रखा हुआ था। आरोपी लोगों को फोन कर स्कीम और डीमैट खातों में पैसा ट्रांसफर कर मोटी कमाई का लालच देते थे।
यूजर आईडी व पासवर्ड पास ही रखते थे
आरोपी अलग-अलग कस्टमर से डीमैट खातों में पैसा मंगवाते थे। एडिमन एक्सिस करने के लिए यूजर आईडी व पासवर्ड पास ही रखते थे। डीमैट खातों में दिखाई देने वाली धनराशि केवल डिजिट के रुप में कस्टमर को बढ़ती हुई दिखाई देती थी, जबकि असल में वह धनराशि बढ़ती नहीं थी। इससे ग्राहक धनराशि बढ़ती देख निवेश करता रहता था। इसके बाद जब ग्राहक खातों में दिख रही धनराशि का लाभ लेना चाहता था तो जीएसटी, कन्वर्जन चार्ज और सेटलमेंट चार्ज के नाम पर विभिन्न बैंकों खातों में और पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते थे।

नोएडा। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने करेंसी में ट्रेडिंग करने के लिए डीमैट खाता खुलवाकर ठगने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी शोएब को मध्यप्रदेश के देवास से गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर यूपी सहित अन्य राज्यों के लोगों के 500 डीमैट खाते खुलवाकर 15 करोड़ रुपये ठग चुका है। पुलिस फरार दो आरोपियों की तलाश कर रही है।


इंदौर में अमदानी सोल्यूशन के नाम से ऑफिस खोलकर शोएब दो साथियों के साथ मिलकर गिरोह चला रहा था। आरोपी करेंसी में ट्रेडिंग करने के लिए डीमैट खाता खुलवाते थे। गिरोह ने गाजियाबाद निवासी अशोक मिश्रा से 15 लाख रुपये ठगे थे। इस मामले की शिकायत की जांच के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शोएब दो डीमैट खाते होने के फायदे को गिरफ्तार कर लिया। ठगोें ने ट्रेडिंग के लिए मेटा ट्रेडर्स-05 नाम से फर्जी ऐप बनाकर प्ले स्टोर पर अपलोड कर रखा था। ऑफिस में कुछ लड़कों और लड़कियों को भी नौकरी पर रखा हुआ था। आरोपी लोगों को फोन कर स्कीम और डीमैट खातों में पैसा ट्रांसफर कर मोटी कमाई का लालच देते थे।


यूजर आईडी व पासवर्ड पास ही रखते थे
आरोपी अलग-अलग कस्टमर से डीमैट खातों में पैसा मंगवाते थे। एडिमन एक्सिस करने के लिए यूजर आईडी व पासवर्ड पास ही रखते थे। डीमैट खातों में दिखाई देने वाली दो डीमैट खाते होने के फायदे धनराशि केवल डिजिट के रुप में कस्टमर को बढ़ती हुई दिखाई देती थी, जबकि असल में वह धनराशि बढ़ती नहीं थी। इससे ग्राहक धनराशि बढ़ती देख निवेश करता रहता था। दो डीमैट खाते होने के फायदे इसके बाद जब ग्राहक खातों में दिख रही धनराशि का लाभ लेना चाहता था तो जीएसटी, कन्वर्जन चार्ज और सेटलमेंट चार्ज के नाम पर विभिन्न बैंकों खातों में और पैसे दो डीमैट खाते होने के फायदे ट्रांसफर करवा लिए जाते थे।

शेयरों से कमाई को धड़ाधड़ खुल रहे डीमैट अकाउंट, आपको खुलवाना है? ऐसे खुलवाएं

लॉकडाउन में घर बैठे-बैठे लोग कमाई के जरिया तलाश रहे हैं। कई लोग शेयर बाजार में निवेश कर कमाई कर रहे हैं। शेयरों में निवेश में लोग कितनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि बीते दो महीनों में करीब 12 लाख डीमैट अकाउंट खुले हैं। अप्रैल का पूरा महीना लॉक्ड था और अब 31 मई तक लॉकडाउन का ऐलान कर दिया गया है।

know how to open demat account for trading in shares amid lockdown

शेयरों से कमाई को धड़ाधड़ खुल रहे डीमैट अकाउंट, आपको खुलवाना है? ऐसे खुलवाएं

ब्रोकरेज कंपनियां खोलती हैं Demat अकाउंट

-demat-

शेयरों में ऑनलाइन निवेश करने के लिए डीमैट खाते की जरूरत होती है। इसे एचडीएफसी सिक्यॉरिटीज, आईसीआईसीआई डायरेक्ट, ऐक्सिस डायरेक्ट जैसे किसी भी ब्रोकरेज के पास खुलवा सकते हैं।

कैसे खुलता है डीमैट खाता?

निवेशक को डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) चुनें। CSDL(सेंट्रल डिपॉजटरी सर्विसेज लिमिटेड ) और NSDL( नैशनल सिक्यॉरिटी डिपॉजिटरी लिमिटेड), दोनों के पास DPs की लिस्ट होती है। DP की वेबसाइट पर जाकर अकाउंट ओपनिंग फॉर्म भरें और KYC करवाएं। इसके लिए आपको पहचान प्रमाण, अड्रेस प्रूफ आदि की जरूरत पड़ेगी। इसके बाद होगा इन-पर्सन वेरिफिकेशन। इसके लिए संभव है कि आपका DP आपको अपनेपास के सर्विस प्रवाइडर ऑफिस बुलाएं, लेकिन इन दिनों IPV स्मार्टफोन और वेब दो डीमैट खाते होने के फायदे कैम के जरिए ऑनलाइन ही ज्यादा किए जा रहे हैं। इसके बाद DP के साथ टर्म ऑफ अग्रीमेंट पर साइन करने होते हैं।

क्लाइंट आईडी

जैसे ही आपका आवेदन प्रॉसेस हो जाएग, आपको एक डीमैट नंबर और क्लाइंट आईडी दी जाएगी। आपको 16 डिजिट की क्लाइंट आईडी मिलेगी, जिसमें पहले 8 डिजिट डिपॉजिटरी को रिप्रजेंट करेंगे और बाकी 8 यूनीक होंगे। आप जीरो शेयरों के साथ भी खाता खोल सकते हैं और इसमें मिनिमम बैलंस की भी जरूरत नहीं।

. लेकिन काफी नहीं है डीमैट खाता

शेयरों में डायरेक्ट निवेश के लिए आपके पास तीन तरह के खाते होने जरूरी हैं। बैंक अकाउंट, ट्रेडिंग अकाउंट और डीमैट खाता शामिल। ट्रेडिंग अकाउंच के बिना डीमैट खाता अधूरा है। डीमैट खाते में आप सिर्फ डिजिटल रूप में शेयरों को रख सकते हैं, जबकि ट्रेडिंग अकाउंट के साथ आप शेयर, IPO, म्यूचुअल फंड और गोल्ड में निवेश कर सकते हैं। डीमैट में शेयरों के रखरखाव का काम डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DPs) करते हैं।

कैसे ट्रांसफर होती है रकम?

-डीमैट खाते का इस्तेमाल बैंक की तरह होता है जहां शेयरों को जमा किया जाता है।

-सबसे पहले आपके सेविंग्स बैंक अकाउंट से ट्रेडिंग अकाउंट में रकम आती है।

-ट्रेडिंग अकाउंट की एक आईडी होती है, इस
अकाउंट के जरिए शेयरों को खरीदा-बेचा जा सकता है।

-जितने शेयर खरीदे या बेचे जाते हैं, यह डीमैट खाते में दिखाई देता है।

ब्रोकरेज हाउस की फीस जरूर देखें

डीमैट खाते से जुड़ी तमाम तरह की फीस के बारे में जानकारी जरूर रखें। इसके साथ कई चार्ज जुड़े होते हैं। मसलन आपको इस खाते की ऐनुअल मेन्टिनेंस फईस के तौर पर कुछ अमाउंट देना होता है और जैसे ही डीमैट खाता ऐक्टिव होता है ट्रांजैक्शन फीस देनी होती है। अगर साल के बीच में यह खाता बंद हो जाता है तो मेन्टिंनेंस फीस क्वॉर्टर के आधआर पर प्रपोर्शनेटली ली जाती है। बहरहाल DP अकाउंट बंद करने या एक से दूसरे DP दो डीमैट खाते होने के फायदे को होल्डिंग्स ट्रांसफर करने पर भी कोई चार्ज नहीं लगता।

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Demat Account: आपके पास हैं दो डीमैट अकाउंट, तो ऐसे एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करें अपने शेयर

Zee Business हिंदी लोगो

Zee Business हिंदी 22-10-2022 ज़ीबिज़ वेब टीम

अगर आप शेयर बाजार में पैसा इन्‍वेस्‍ट करना चाहते हैं तो आपके पास डीमैट अकाउंट होना बहुत जरूरी है क्‍योंकि डीमैट अकाउंट के जरिए ही आप शेयर्स की खरीद और बिक्री कर सकते हैं. डीमैट अकाउंट भी किसी आम बैंक खाते की तरह ही काम करता है. लेकिन ये आपके इन्वेस्टमेंट को इलेक्ट्रॉनिक फार्म में रखता है. आप जिस तरह से एक से ज्‍यादा बैंक अकाउंट रखते हैं, उसी तरह से एक से ज्‍यादा डीमैट अकाउंट भी रख सकते हैं और एक दो डीमैट खाते होने के फायदे अकाउंट से दूसरे डीमैट अकाउंट में शेयर ट्रांसफर भी कर सकते हैं. यक काम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से किया जा सकता है. जानिए इसका प्रोसेस.

शेयर ट्रांसफर का ऑफलाइन प्रोसेस

अगर आप शेयर ऑफलाइन प्रोसेस से ट्रांसफर करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए डीआईएस यानी डिलीवरी इंस्ट्रक्शन स्लिप (DIS) की जरूरत पड़ेगी. ये स्लिप आपको अपने ब्रोकर से मिल जाएगी. इस स्लिप में आपको अकाउंट से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी भरनी होगी जैसे- बेनेफिशयरी ब्रोकर आईडी (इसमें आपको मौजूदा और नए दोनों ब्रोकर्स की 16 डिजिट की आईडी भरनी होगी).

इसके अलावा आपको इंटरनेशनल सिक्योरिटीज आइडेंटिफिकेशन नंबर भरना होगा और ट्रांसफर का तरीका यानी आपको इंट्रा-डिपॉजिटरी या इंटर-डिपॉजटरी में से किसी एक विकल्‍प को चुनना होगा. सारी जानकारी भरने के बाद आपको ये स्लिप अपने ब्रोकर के पास जमा करना होगा. इसके बाद आपके शेयर ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. स्लिप जमा करते समय आपसे इसके लिए कुछ प्रोसेसिंग फीस ली जाएगी, ये फीस ब्रोकर टू ब्रोकर अलग हो सकती है.

नाबालिग के नाम पर कैसे खुलवाएं डीमैट खाता?

बच्चे के 18 साल के होने पर डीमैट खाता निष्क्रिय हो जाता है.

नाबालिग के नाम पर कैसे खुलवाएं डीमैट खाता?

किस फॉर्म को भरना होगा?
माता-पिता को खाता खुलवाने के लिए निर्धारित डीमैट अकाउंट फॉर्म भरना होगा. दो केवार्इसी फॉर्म भी भरने होंगे. इसमें से एक अभिभावक के लिए होगा. जबकि दूसरा नाबालिग के लिए.

किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
अभिभावक को केवार्इसी मानकों को पूरा करके जरूरी दस्तावेजों को जमा करना होगा. इन दस्तावेजों में नाबालिग बच्चे की जन्मतिथि का सबूत अनिवार्य रूप से देना पड़ता है. अभिभावक और नाबालिग का पैन भी जमा करना होता है.

कैसे चलता है खाता?
नाबालिग का दो डीमैट खाते होने के फायदे खाता माता-पिता चलाते हैं. वे तब तक ऐसा कर सकते हैं जब तक बच्चा बालिग नहीं हो जाता है. नाबालिग के डीमैट खाते से कोर्इ ट्रेडिंग अकाउंट लिंक नहीं किया जा सकता है.

बालिग होने पर क्या होंगे बदलाव?
बच्चे के 18 साल के होने पर डीमैट खाता निष्क्रिय हो जाता है. फिर नया डीमैट खाता खुलवाना पड़ता है. पुराने खाते की होल्डिंग इस नए खाते में ट्रांसफर की जा सकती है. पुराने खाते को भी चलाया जा सकता है, लेकिन नाबालिग को बालिग होने पर डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स के साथ नया एग्रीमेंट करना होगा.

किन बातों को रखें ध्यान?
1. नाबालिग डीमैट खाते में ज्वाइंट होल्डर नहीं हो सकता है.
2. नाबालिग के डीमैट खाते में शेयर आमतौर पर उपहार के रूप में प्राप्त होते हैं.

इस पेज की सामग्री सेंटर फॉर इंवेस्टमेंट एजुकेशन एंड लर्निंग (सीआईईएल) के सौजन्य से. गिरिजा गादरे, आरती भार्गव और लब्धि मेहता का योगदान.

New rules for insurance policies Dec 2022: दिसंबर के बाद बीमा पॉलिसियों पर लागू होगा नया नियम

सभी नई पॉलिसियाँ डिजिटल होंगी और डीमैट खाते में ही आएंगी

  • Date : 09/09/2022
  • Read: 4 mins Rating : -->

इरडा ने दिसंबर के बाद सभी बीमा पॉलिसियों को डिजिटल करने और केवल डीमैट खाते में भेजने की स्वीकृति दी

insurance policies

New rules for Insurance policies starting Dec 2022: दिसंबर से हर प्रकार की बीमा पॉलिसियों पर नए नियम लागू हो जाएंगे। दिसंबर के बाद यानी 2023 की जनवरी से हेल्थ, वाहन, जीवन बीमा सभी की पॉलिसियां केवल डीमैट खाते में ही आएंगी। बीमा नियामक इरडा ने इसके लिए स्वीकृति दे दी है।

अब तक बीमा पॉलिसी के दस्तावेजों को बहुत संभाल कर रखना पड़ता है, अगर दस्तावेज़ सही न हों या गुम हो जाएं तो दावे को साबित करने और भुगतान पाने में बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो दावे मान्य ही नहीं हो पाते दो डीमैट खाते होने के फायदे हैं। लेकिन अब इन मुश्किलों से जल्द ही छुटकारा मिलने वाला है। खबरों के अनुसार इस साल दिसंबर के बाद जितनी भी नई पॉलिसी आएंगी वे सभी डिजिटल होंगी और केवल आपके डिमैट खाते में ही आएंगी। इसके साथ ही आपकी पुरानी बीमा पॉलिसियों को भी अगले 12 महीनों के भीतर डिजिटल बनाकर डिमैट में शामिल कर दिया जाएगा। बीमा नियामक इरडा ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।

इरडा ने बीमा कंपनियों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारियों के साथ बैठक के बाद इस फैसले को लागू करने का निर्देश दिया है। इरडा के दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि इस नई नीति को स्वास्थ्य, वाहन, जीवन बीमा सभी तरह की पॉलिसियों पर लागू किया जाएगा। एक अनुमान के अनुसार दो डीमैट खाते होने के फायदे इस समय में देश में 50 करोड़ से ज्यादा बीमा पॉलिसियां मौजूद हैं, जिन्हें डीमैट फॉर्म में बदलना होगा। बीमा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल बनाने का मतलब दस्तावेज को एक संशोधित ऑनलाइन रूप में परिवर्तित करना है। यानी पॉलिसी के नवीनीकरण के समय अब कोई कागजी कार्रवाई करने की ज़रूरत नहीं होगी। लेनदेन की लागत को कम करने और नीतियों में तेजी से संशोधन सुनिश्चित करने के लिए ही यह कदम उठाया जा रहा है।

इसके साथ ही इरडा ने बीमा के संबंध में एक और महत्वपूर्ण निर्णय किया है। इस निर्णय के अंतर्गत बीमा पॉलिसी की बिक्री, सर्विसिंग और दावों के लिए एक नया प्लेटफॉर्म स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस साल दिसंबर से यह सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी। बीमा विशेषज्ञों का कहना है कि इरडा का यह फैसला बीमा क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी सुविधाएं मिलने से ग्राहकों के लिए बीमा कराना अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

डीमैट खाता क्या है और इससे क्या लाभ होंगे

डीमैट खाता वह खाता है जिसमें शेयरों और सिक्योरिटीज को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखा जाता है। शेयर बाजार से शेयर खरीदने या बेचने के लिए आपके पास डीमैट खाते का होना जरुरी है। इसके अलावा, शेयरों से जुड़े म्यूचुअल फंड (इक्विटी फंड, ईटीएफ) आदि के लिए भी डीमैट खाता होना जरूरी है। डीमैट के अलावा किसी अन्य रूप में इन्हें बेचा या खरीदा नहीं जा सकता है।

बीमा पॉलिसियों के डिजिटल होने से आप कभी भी और कहीं भी पॉलिसी का विवरण देख सकेंगे, साथ ही बीमा के दस्तावेजों को रखने की मुश्किल से छुटकारा मिलेगा और पॉलिसी के नवीनीकरण के समय भी किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। इससे कागज और समय की भी बचत होगी।

हालांकि डिजिटल प्रारूप में लेनदेन और अन्य कारोबार के बढ़ने के साथ-साथ हैकिंग का खतरा भी बढ़ रहा है। अब तक केवल शेयर और म्यूचुअल फंड ही डिमैट में आते थे पर अब बीमा भी इसके दायरे में आएगा। अपने डिमैट खाते को सुरक्षित करने के लिए आपको कुछ सावधानियां बरतने की ज़रूरत होगी। पहली सावधानी के तौर पर डिमैट खाते से जुड़े हर अपडेट के लिए एसएमएस की सुविधा को जरूर लागू कराएं। इससे आपको सभी लेनदेन की जानकारी मिलती रहेगी। समय-समय पर डिमैट खाते का विवरण नियमित रूप से देखते रहें। अगर खरीदे हुए शेयर दो से तीन दिन के भीतर नहीं आते हैं तो तुरंत ब्रोकर को इसके बारे में सूचना दें। पासवर्ड बदलते रहें और किसी को भी अपना पासवर्ड न बताएं। अगर आप शेयरों का लेनदेन करते हैं तो ब्रोकर को पावर ऑफ अटॉर्नी न दें। इन सावधानियों से आपका खाता हमेशा सुरक्षित रहेगा।

डीमैट अकाउंट क्या होता है

New rules for Insurance policies starting Dec 2022: दिसंबर से हर प्रकार की बीमा पॉलिसियों पर नए नियम लागू हो जाएंगे। दिसंबर के बाद यानी 2023 की जनवरी से हेल्थ, वाहन, जीवन बीमा सभी की पॉलिसियां केवल डीमैट खाते में ही आएंगी। बीमा नियामक इरडा ने इसके लिए स्वीकृति दे दी है।

अब तक बीमा पॉलिसी के दस्तावेजों को बहुत संभाल कर रखना पड़ता है, अगर दस्तावेज़ सही न हों या गुम हो जाएं तो दावे को साबित करने और भुगतान पाने में बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। कई बार तो दावे मान्य ही नहीं हो पाते हैं। लेकिन अब इन मुश्किलों से जल्द ही छुटकारा मिलने वाला है। खबरों के अनुसार इस साल दिसंबर के बाद जितनी भी नई पॉलिसी आएंगी वे सभी डिजिटल होंगी और केवल आपके डिमैट खाते में ही आएंगी। इसके साथ ही आपकी पुरानी बीमा पॉलिसियों को भी अगले 12 महीनों के भीतर डिजिटल बनाकर डिमैट में शामिल कर दिया जाएगा। बीमा नियामक इरडा ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।

इरडा ने बीमा कंपनियों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारियों के साथ बैठक के बाद इस फैसले को लागू करने का निर्देश दिया है। इरडा के दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि इस नई नीति को स्वास्थ्य, वाहन, जीवन बीमा सभी तरह की पॉलिसियों पर लागू किया जाएगा। एक अनुमान के अनुसार इस समय में देश में 50 करोड़ से ज्यादा बीमा पॉलिसियां मौजूद हैं, जिन्हें डीमैट फॉर्म में बदलना होगा। बीमा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल बनाने का मतलब दस्तावेज को एक संशोधित ऑनलाइन रूप में परिवर्तित करना है। यानी पॉलिसी के नवीनीकरण के समय अब कोई कागजी कार्रवाई करने की ज़रूरत नहीं होगी। लेनदेन की लागत को कम करने और नीतियों में तेजी से संशोधन सुनिश्चित करने के लिए ही यह कदम उठाया जा रहा है।

इसके साथ ही इरडा ने बीमा के संबंध में एक और महत्वपूर्ण निर्णय किया है। इस निर्णय के अंतर्गत बीमा पॉलिसी की बिक्री, सर्विसिंग और दावों के लिए एक नया प्लेटफॉर्म स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस साल दिसंबर से यह सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी। बीमा विशेषज्ञों का कहना है कि इरडा का यह फैसला बीमा क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी सुविधाएं मिलने से ग्राहकों के लिए बीमा कराना अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

डीमैट खाता क्या है और इससे क्या लाभ होंगे

डीमैट खाता वह खाता है जिसमें शेयरों और सिक्योरिटीज को इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखा जाता है। शेयर बाजार से शेयर खरीदने या बेचने के लिए आपके पास डीमैट खाते का होना जरुरी है। इसके अलावा, शेयरों से जुड़े म्यूचुअल फंड (इक्विटी फंड, ईटीएफ) आदि के लिए भी डीमैट खाता होना जरूरी है। डीमैट के अलावा किसी अन्य रूप में इन्हें बेचा या खरीदा नहीं जा सकता है।

बीमा पॉलिसियों के डिजिटल होने से आप कभी भी और कहीं भी पॉलिसी का विवरण देख सकेंगे, साथ ही बीमा के दस्तावेजों को रखने की मुश्किल से छुटकारा मिलेगा और पॉलिसी के नवीनीकरण के समय भी किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। इससे कागज और समय की भी बचत होगी।

हालांकि डिजिटल प्रारूप में लेनदेन और अन्य कारोबार के बढ़ने के साथ-साथ हैकिंग का खतरा भी बढ़ रहा है। अब तक केवल शेयर और म्यूचुअल फंड ही डिमैट में आते थे पर अब बीमा भी इसके दायरे में आएगा। अपने डिमैट खाते को सुरक्षित करने के लिए आपको कुछ सावधानियां बरतने की ज़रूरत होगी। पहली सावधानी के तौर पर डिमैट खाते से जुड़े हर अपडेट के लिए एसएमएस की सुविधा को जरूर लागू कराएं। इससे आपको सभी लेनदेन की जानकारी मिलती रहेगी। समय-समय पर डिमैट खाते का विवरण नियमित रूप से देखते रहें। अगर खरीदे हुए शेयर दो से तीन दिन के भीतर नहीं आते हैं तो तुरंत ब्रोकर को इसके बारे में सूचना दें। पासवर्ड बदलते रहें और किसी को भी अपना पासवर्ड न बताएं। अगर आप शेयरों का लेनदेन करते हैं तो ब्रोकर को पावर ऑफ अटॉर्नी न दें। इन सावधानियों से आपका खाता हमेशा सुरक्षित रहेगा।

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