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फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्ट कैसे करें

फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्ट कैसे करें
इसके साथ ही आप ब्याज की निकासी की अवधि भी तय कर सकते हैं. आपको ब्याज हर महीने, तिमाही, छमाही, सालाना या FD मैच्योर होने के बाद चाहिए, यह FD में निवेश करते वक्त ही चुना जा सकता है.

Post Office Scheme: सुरक्षित जगह करना चाहते हैं निवेश तो पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में करें इन्वेस्ट! मिलेगा जबरदस्त रिटर्न

By: ABP Live | Updated at : 24 Sep 2022 03:52 PM (IST)

Post Office Time Deposit Scheme: आज भी भारत में एक बड़ी आबादी है जो सुरक्षित निवेश ऑप्शन की तलाश करती हैं. भारतीय डाक निवेशकों को कई तरह की स्कीम लाता रहता है जिसमें निवेश करके आप अच्छा रिटर्न पा सकते हैं. ऐसी ही एक स्कीम का नाम है पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट अकाउंट (Post Office Time Deposit Account). इसे पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम (Post FD Scheme) भी कहते हैं. यह बैंक की एफडी स्कीम की तरह होती है जिसमें पैसे को एक निश्चित समय के लिए निवेश कर दिया जाता है और बाद में आपको गारंटीड रिटर्न मिलता है. पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट स्कीम में केवल भारत के नागरिक निवेश कर सकते हैं.

पोस्ट ऑफिस की एफडी स्कीम के डिटेल्स यहां जानें

FD में कैसे निवेश करें?

FD में कैसे निवेश करें?

पिछले कुछ सालों में FD की लोकप्रियता बढ़ी है. क्योंकि पूंजी की सुरक्षा और निश्चित रिटर्न की वजह से अधिक लोग FD में निवेश कर रहे हैं. हर बैंक FD की सुविधा देता है. कई गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) भी ग्राहकों को फिक्स्ड डिपाजिट की सुविधा देती हैं.

बैंक की तुलना में NBFC ग्राहकों को FD पर अधिक ब्याज देती हैं. हालांकि उनके एफडी को अपेक्षाकृत कम सुरक्षित माना जाता है. बैंक के एफडी को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

FD से मिलने वाला वास्तविक रिटर्न क्या है?
आपके FD पर बैंक या NBFC जो ब्याज देते हैं, वही आपका वास्तविक रिटर्न है. आप अपनी जरूरत और बैंक द्वारा दिए जा रहे ब्याज का हिसाब लगाकर FD में निवेश कर सकते हैं.

डबल पैसा करने वाली स्कीम, 100 रुपए को बना सकते हैं 16 लाख रुपए- जानिए कैसे होगा पूरा प्रोसेस

Post Office Term Deposit Scheme: फ्यूचर प्लानिंग के लिए आप पोस्ट ऑफिस की फिक्स्ड डिपॉजिट/टर्म डिपॉजिट स्कीम चुन सकते हैं. इस स्कीम में पैसा इन्वेस्ट करने पर आपको कभी कोई घाटा नहीं रहेगा, क्योंकि यहां आपका पैसा सुरक्षित रहता है.

Post Office Term Deposit Scheme: बेहतर भविष्य के लिए टिप एंड टॉप प्लानिंग. (Investment Planning)अगर आप कम निवेश के साथ इन्वेस्टमेंट की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपके लिए हम अच्छा ऑप्शन लेकर आए हैं. फ्यूचर प्लानिंग के लिए आप पोस्ट ऑफिस की फिक्स्ड डिपॉजिट/टर्म फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्ट कैसे करें डिपॉजिट स्कीम चुन सकते हैं. इस स्कीम में पैसा इन्वेस्ट करने पर आपको कभी कोई घाटा नहीं रहेगा, क्योंकि यहां आपका पैसा सुरक्षित रहता है. वहीं इसमें निवेश करना एकदम सरल ऑप्शन है. बता दें FD/TD की सुविधा केवल बैंक में ही नहीं है, इसका आनंद आप डाकघर में उठा सकते हैं. फर्क इतना है कि पोस्ट ऑफिस (Post Office) में लगाया हुआ आपका पैसा हमेशा सुरक्षित रहता है और वापसी की गारंटी भी देता है. आइए जानते हैं इस स्कीम के बारे में, जिसके निवेश पर अच्छा खासा रिटर्न मिलता है.

निवेश 1 लाख रुपए, मिलेंगे 139407 रुपये

पोस्ट ऑफिस की टर्म डिपॉजिट में 5 साल के लिए 6.7 फीसदी सालाना मिलता है. इसका मतलब ये कि अगर कोई व्यक्ति 5 साल की मैच्योरिटी पीरियड वाले Term Deposit में 1 लाख रुपए जमा कर अकाउंट खुलवाता है, तो उसे 5 साल बाद TD के Interest Rate के हिसाब से 139407 रुपये रिटर्न में मिलेंगे. वहीं एक साल, 2 साल और 3 साल के टर्म डिपॉजिट पर ब्याज दर 5.5 फीसदी सालाना मिलता है.

पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में कोई भी भारतीय सिंगल या जॉइंट अकाउंट ओपन फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्ट कैसे करें फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्ट कैसे करें करवा सकता है. वहीं जिनकी उम्र 10 साल से ज्यादा है या फिर वो दिमागी रूप से कमजोर है, वो भी इसमें अकाउंट खुलवा सकता है. अकाउंट ओपन करने के लिए आप इसमें 1000 रुपए से शुरू करते कितनी भी अमाउंट लगा सकते हैं. इसके अलावा 5 साल की पोस्‍ट ऑफिस TD में इन्वेस्ट को आयकर कानून के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है.

फिक्स्ड डिपॅाजिट है निवेश का सबसे सुरक्षित जरिया, लेकिन इन्वेस्टमेंट से पहले जान लें कुछ खास बातें

फिक्स्ड डिपॅाजिट (Fixed Deposit) हमेशा से ही सेविंग करने का एक पंसदीदा ऑप्शन रहा है. इसमें इंवेस्टमेंट करने पर कस्टमर को रेग्युलर सेविंग अकाउंट की तुलना में ज्यादा इंटरेस्ट मिलता है. लेकिन आपको इससे जुड़ी कुछ खास बातों का पता होना जरुरी है.

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सेविंग का एक ऐसा ऑप्शन है जहां आप अपना पैसा एक मैच्योरिटी पीरियड के लिए जमा करते हैं. एफडी में इंवेस्ट करने पर कस्टमर को इंटरेस्ट मिलता है. लेकिन आप अपने अमाउंट को एफडी से मैच्योरिटी पीरियड के पहले नहीं निकाल सकते हैं. ऐसा फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्ट कैसे करें करने के लिए आपको पेनल्टी फीस का भुगतान करना होगा. फिक्स्ड डिपॉजिट में इंवेस्ट करने का सीनियर सिटीजन को बहुत फायदा मिलता है. बैंक सीनियर सिटीजन को फिक्स्ड डिपॉजिट में इंवेस्टमेंट के लिए हाई इंटरेस्ट रेट ऑफर करती है. यहां आपको एक तय अमाउंट एक अवधि तक पे करना होता है. फिक्स्ड डिपॉजिट पर सरकारी और प्राइवेट बैंक अलग-अलग इंटरेस्ट रेट देतें हैं. आप पोस्ट ऑफिस में भी फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट ओपन कर सकते हैं. लेकिन फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में इंवेस्ट करने से पहले आपको इससे जुड़ी जरुरी बातों की जानकारी होनी चाहिए. इन बातों को ध्यान में रखते हुए आप और आसानी से एफडी में निवेश कर सकतें हैं. और अपने इंवेस्टमेंट पर बेहतर रिटर्न पा सकते हैं. अगर आप एफडी अकाउंट ओपन करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको जरुरी डॅाक्यूमेंट्स लेकर नजदीकी बैंक जाना होगा. यहां जाकर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) अकाउंट का फॅार्म फिल करें और फिक्स डिपॉजिट में इन्वेस्ट किए जाने वाले अमाउंट को जमा कर दें.

इन बातों का रखें ख्याल

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पूरी तरह से सेफ नहीं हैं

अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करते हैं तो ये न समझें कि आपकी राशि सुरक्षित है. अगर कोई बैंक डूब जाता है तो आपको अच्छा खासा नुकसान हो सकता है. ऐसी स्थिति से बचने के लिए अपनी राशि को हिस्सों में बांटकर अलग-अलग बैंक में इंवेस्ट करें. इससे आपकी रकम भी सेफ रहेगी साथ ही इमरजेंसी पड़ने पर आपको पूरे डिपॅाजिट को नहीं तोड़ना पड़ेगा. साथ फिक्स्ड डिपॉजिट में इन्वेस्ट कैसे करें ही आपको सिर्फ उसी अमाउंट पर पेनल्टी देनी पड़ेगी जितनी आपको जरुरत है. तो कह सकते हैं कि ऐसा करने से आपको बेहतर लिक्विडिटी मिलेगी.


मैच्योरिटी से पहले फंड का विड्रॅाल न करें.

फिक्स्ड डिपॉजिट में इंवेस्टमेंट एक निश्चित समय तक के लिए किया जाता है. अगर आप तय अवधि से पहले अपने अमाउंट का विड्रॅाल करेंगे तो आपको नुकसान हो सकता है. अगर आपने 5 साल के लिए फिक्स्ड डिपॅाजिट में इंवेस्टमेंट किया है तो आप इसके मैच्योरिटी के बाद ही विड्रॅाल कर सकते हैं. अगर फिर भी आपको राशि निकालनी है तो कम से कम एक साल का इंतजार करें. क्योंकि एक साल के डिपॅाजिट पर ही आपको लागू इंटरेस्ट रेट मिल पाएगी.

फिक्स्ड डिपॉजिट और इन्वेस्टमेंट बॉन्ड के बीच अंतर

किसी भी इन्वेस्टमेंट विकल्प की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि यह आपकी आवश्यकताओं को कितनी अच्छी तरह से पूरा करती है. फिक्स्ड डिपॉजिट या इन्वेस्टमेंट बॉन्ड में इन्वेस्टमेंट करने की प्लानिंग करते समय, इन दोनों इन्वेस्टमेंट विकल्प के लाभ और नुकसान का मूल्यांकन करना आवश्यक है. एफडी और इन्वेस्टमेंट बॉन्ड, दोनों ही फिक्स्ड-इनकम सेविंग विकल्प हैं. इनमें एफडी ब्याज़ दरें इन्वेस्टमेंट बॉन्ड से अधिक होती हैं, तो इन्वेस्टमेंट बॉन्ड अधिक टैक्स लाभ प्रदान करते हैं.

फिक्स्ड डिपॉजिट और इन्वेस्टमेंट बॉन्ड, दोनों में एक निर्धारित अवधि के लिए एक निश्चित राशि की सेविंग शामिल होती है. जबकि एफडी की ब्याज़ दरें इन्वेस्टमेंट बॉन्ड से कहीं अधिक हैं, लेकिन इन्वेस्टमेंट बॉन्ड अधिक टैक्स लाभ प्रदान करते हैं.

फिक्स्ड डिपॉजिट की विशेषताएं और लाभ

जो लोग सुरक्षित इन्वेस्टमेंट विकल्प के माध्यम से अपनी बचत को बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए फिक्स्ड डिपॉजिट एक बेहतरीन विकल्प है. फिक्स्ड डिपॉजिट ऐसे लोगों के लिए एक आदर्श विकल्प है, जो सुरक्षित इन्वेस्टमेंट के तरीके से अपनी बचत में वृद्धि करना चाहते हैं.

  • बाजार के उतार-चढ़ावों से अप्रभावित रहते हुए यह आपकी बचत में शानदार वृद्धि और मेच्योरिटी प्रदान करते हैं
  • सीनियर सिटीज़न के लिए FD एक आदर्श विकल्प है, जिसमें उच्च ब्याज़ दरों से भी लाभ उठाए जा सकते हैं
  • बैंक, एनबीएफसी और पोस्ट ऑफिस के द्वारा एफडी जारी की जाती है. अगर आप सुरक्षा और रिटर्न का मजबूत संतुलन चाहते हैं, तो उच्च सुरक्षा रेटिंग वाले संस्थानों द्वारा जारी की गई एफडी चुनना ही बेहतर है, क्योंकि वे एक विश्वसनीय इन्वेस्टमेंट विकल्प हैं
  • फिक्स्ड डिपॉजिट आपको एफडी पर लोन जैसी सुविधाओं के साथ आवश्यक कैश आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाता है
  • बचत खाते की तुलना में वे आपकी बचत से अधिक कमाई करने में आपकी सहायता कर सकते हैं
  • एफडी आपको रिटर्न की फ्रिक्वेंसी चुनने की सुविधा देता है. उदाहरण के लिए, अगर आप मासिक रिटर्न चाहते हैं, तो आप गैर-संचयी फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए अप्लाई कर सकते हैं, जबकि लंपसम ब्याज़ प्राप्त करने के लिए, आप संचयी फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए अप्लाई कर सकते हैं
  • फिक्स्ड डिपॉजिट से प्राप्त होने वाले रिटर्न्स का उपयोग विभिन्न प्रयोजनों के लिए किया जा सकता है जैसे कि छुट्टियां, संपत्ति खरीदना या आपके बच्चे की शिक्षा को फंड करना

इन्वेस्टमेंट बॉन्ड की विशेषताएं और लाभ

इन्वेस्टमेंट बॉन्ड उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प हैं, जो टैक्स लाभ प्राप्त करना चाहते हैं और अपनी सेविंग को बढ़ाना चाहते हैं. और जानने के लिए आगे पढ़ें.

  • ये बॉन्ड्स पूंजी में वृद्धि की संभावना प्रदान करते हैं, ताकि आप पर्याप्त फाइनेंशियल लाभ उठा सकें
  • इन बॉन्ड पर ब्याज दर फ़िक्स्ड डिपोजिट की पेशकश की तुलना में काफी कम है
  • निवेश बांड से रिटर्न tds या यहां तक ​​कि टैक्स के भी अधीन नहीं हैं. इसका मतलब है कि आप टैक्स कटौती की प्लानिंग किए बिना अपने ब्याज़ लाभ की अधिकांश राशि को बनाए रख सकते हैं
  • ये बॉन्ड बाद में किसी अन्य पार्टी को बेचे जा सकते हैं
  • इन्वेस्टमेंट बॉन्ड की सुविधाजनक अवधियां हो भी सकती हैं और नहीं भी
  • ये बॉन्ड आपको आपके रिटर्न की फ्रीक्वेंसी चुनने नहीं देते हैं. इनमें आपको रिटर्न का भुगतान करने के लिए समय निर्धारित होता है
  • बांड सीक्योर हैं लेकिन इंश्योर नहीं हैं. इसका अर्थ है कि आपके पास पूर्ण सुरक्षा नहीं होती है. अगर किसी कारण से बॉन्ड का भुगतान नहीं होता है तो आपके पास केवल उसी सम्पति का अधिकार होगा जिसे ज़मानत के रूप में रखा गया हो
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